मां के हाथ का भोजन: मालुग्राम के सरस्वती विद्यामंदिर में ‘मातृ हस्तेन भोजनम्’ कार्यक्रम, पारंपरिक व्यंजनों का विद्यार्थियों ने लिया आनंद

शिलचर। मां और संतान के आत्मिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा विद्यार्थियों में स्वस्थ एवं संतुलित खान-पान की आदत विकसित करने के उद्देश्य से गुरुवार सुबह मालुग्राम स्थित सरस्वती विद्यामंदिर में विशेष कार्यक्रम ‘मातृ हस्तेन भोजनम्’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की चौथी एवं पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, आधुनिक फास्ट फूड के बढ़ते चलन के कारण नई पीढ़ी का पारंपरिक एवं पौष्टिक घरेलू व्यंजनों, विशेषकर पिठा-पुली जैसे स्थानीय खाद्य पदार्थों के प्रति आकर्षण लगातार कम होता जा रहा है। इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों में भारतीय पारंपरिक खाद्य संस्कृति के प्रति रुचि जगाने और परिवार के साथ भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर विद्यार्थियों की माताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपने हाथों से तैयार किए गए स्वादिष्ट एवं पौष्टिक पारंपरिक व्यंजन विद्यालय में लाए। बच्चों को मां के हाथ से बने पिठा, पुली तथा विभिन्न घरेलू व्यंजन परोसे गए। अपने पसंदीदा पारंपरिक भोजन का स्वाद चखकर विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे और पूरा विद्यालय परिसर उत्सव के माहौल से गूंज उठा। अभिभावकों ने भी विद्यार्थियों और विद्यालय परिवार के साथ मिलकर इस अनूठे आयोजन का आनंद लिया।

विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने मां के स्नेह, पारिवारिक मूल्यों और भारतीय खाद्य परंपरा के महत्व को निकट से अनुभव किया। साथ ही उनमें देशज व्यंजनों के प्रति नई रुचि भी विकसित हुई। कार्यक्रम की सफलता के लिए विद्यालय परिवार ने सभी अभिभावक माताओं के सक्रिय सहयोग और सहभागिता के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

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