मां के बिना तीन बच्चों की परवरिश का संघर्ष: पत्नी की अनुपस्थिति में अकेले जिम्मेदारी निभा रहे नृपेन्द्र सरकार

मां के बिना तीन बच्चों की परवरिश का संघर्ष: पत्नी की अनुपस्थिति में अकेले जिम्मेदारी निभा रहे नृपेन्द्र सरकार

शिलचर, प्रतिनिधि, 8 जून।
दूधपटिल स्थित सुभाष नगर क्षेत्र के निवासी नृपेन्द्र सरकार पिछले लगभग दो वर्षों से अपनी पत्नी अनिमा रानी सरकार की अनुपस्थिति में तीन छोटे बच्चों और अस्वस्थ सास की जिम्मेदारी अकेले संभाल रहे हैं। इस परिस्थिति ने परिवार को गंभीर आर्थिक और मानसिक संकट के दौर में ला खड़ा किया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, अनिमा रानी सरकार सोशल मीडिया पर नियमित रूप से वीडियो और रील साझा करती हैं, जबकि परिवार और बच्चों की देखभाल से दूर हैं। हालांकि, इस संबंध में उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

नृपेन्द्र सरकार का कहना है कि उन्होंने मामले को लेकर मालुग्राम पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया था, लेकिन उनकी शिकायत स्वीकार नहीं की गई। उनका आरोप है कि पत्नी के घर छोड़ने के बाद से बच्चों के भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक जरूरतों की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर आ गई है।

उन्होंने बताया कि सुबह से देर रात तक बच्चों की देखभाल और घरेलू जिम्मेदारियां निभाने के कारण उनके लिए नियमित रोजगार और आय का प्रबंधन भी कठिन हो गया है, जिससे परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है।

सबसे मार्मिक पक्ष यह है कि तीनों बच्चे अक्सर अपनी मां के बारे में पूछते हैं और जानना चाहते हैं कि वह कब लौटेंगी। नृपेन्द्र के अनुसार, उनके पास इस प्रश्न का कोई संतोषजनक उत्तर नहीं होता, जिससे वे स्वयं भी भावनात्मक रूप से टूट जाते हैं।

इस घटना को लेकर क्षेत्र में सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारियों पर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि बच्चों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए तथा संबंधित पक्षों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर समस्या के समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

(नोट: समाचार में लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों के कथनों और स्थानीय लोगों की जानकारी पर आधारित हैं। मामले में दूसरे पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

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