महिला आरक्षण विधेयक के विरोध पर शिलचर में महिलाओं का उग्र विरोध प्रदर्शन, हजारों की पदयात्रा से गूंजा शहर
शिलचर, शनिवार:
महिला आरक्षण विधेयक के विरोध को लेकर शिलचर में महिलाओं का जबरदस्त जनाक्रोश देखने को मिला। “नारी सम्मान” के मुद्दे पर हजारों महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर विरोधियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की और एक विशाल पदयात्रा निकालकर पूरे शहर को आंदोलित कर दिया।
बीते तीन दिनों तक चले संसद सत्र में महिला आरक्षण विधेयक का कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों द्वारा विरोध किए जाने के कारण विधेयक बहुमत हासिल नहीं कर सका और पारित नहीं हो पाया। इसी फैसले के खिलाफ सिलचर में आक्रोश फूट पड़ा।
शनिवार को नर्सिंगटोला मैदान से शुरू हुई इस विशाल महिला रैली में महिलाओं ने हाथों में तिरंगा, बैनर और पोस्टर लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। “नारी सम्मान चाहिए” और “विपक्ष जवाब दो” जैसे नारों से पूरा शहर गूंज उठा।
शहर का भ्रमण करते हुए यह पदयात्रा रांगिरखाड़ी पॉइंट पर समाप्त हुई, जहां एक विरोध सभा का आयोजन किया गया। सभा में वक्ताओं ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि देश के विकास से जुड़े हर महत्वपूर्ण कदम का विरोध करना उनकी आदत बन चुकी है।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की परिकल्पना की गई थी, लेकिन विपक्ष की राजनीति के चलते यह सपना अधूरा रह गया। उन्होंने इसे केवल एक विधेयक का विरोध नहीं, बल्कि देश की हर महिला के सम्मान पर सीधा प्रहार बताया।
महिलाओं ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अब वे पीछे हटने वाली नहीं हैं। देश के विकास और सेवा में वे बराबरी से अपनी भागीदारी निभाएंगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो भी ताकतें महिलाओं की प्रगति में बाधा डालेंगी, उनके खिलाफ यह आंदोलन और तेज होगा।
सभा से विपक्ष की भूमिका को “देश के इतिहास का काला अध्याय” करार देते हुए कड़े शब्दों में निंदा की गई। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि नारी शक्ति को नजरअंदाज किया गया, तो आने वाले समय में इससे भी बड़ा जनआंदोलन देखने को मिलेगा।
शिलचर की इस पदयात्रा ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर अब महिलाएं किसी भी प्रकार की राजनीतिक बाधा को स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं।