मन का हर्ष

मन का हर्ष

आज
मन में एक हर्ष है,
हर्ष से मन उत्फुल्लित है,
हर्ष ही कारण,
स्वाभिमान है हर्ष,
आभार हर्ष के नाम,
दिन भी है हर्ष,
वामसी है हर्ष की जान,
छोटी सी कबिता हर्ष के नाम।।।
[कबि : रत्नज्योति दत्ता, वैशाली, जुलाई १२, २०२२]

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