

लखीमपुर 17 अप्रैल भोजपुरी परिषद लखीमपुर जिला समिति का तृतीय त्रिवार्षिक अधिवेशन उत्तर लखीमपुर के खेलमाटी स्थित सर्बेश्वर बरूवा उत्तर लखीमपुर हिंदी विद्यालय प्रांगण में एक दिवसीय कार्य सूची के साथ स्मान्न किया गया। जिसमे कार्यक्रम का शुभारंभ जिला समिति के अध्यक्ष सुभाष चन्द्र यादव ने परिषद का झंडोत्तोलन कर किये जिला सचिव बाबु देव पाण्डेय ने सहीद वेदी पर पुष्पार्पण कर दिप प्रज्वलित कर सहीद आत्मा के शांति के लिए प्राथना किये बारी बारी से उपस्थित सभी सदस्यों ने पुष्पार्पण किये केंद्रित समिति द्वारा नवनियुक्त चुनाव पर्यवेक्षक सोनितपुर जिला सचिव सोबोध ठाकुर के अगुवाई में पुरानी जिला का आय ब्यय लेखा जोखा सर्वसम्मति से सभा मे अनुमोदन के पश्चात पुरानी जिला समिति के अध्यक्ष सुभाष चंद्र यादव ने पुरानी जिला समिति भंग के घोषणा किये ततपश्चात पुनः सुभाष चंद्र यादव के अध्यक्ष में नई लखीमपुर जिला समिति का गठन किया गया जिसमें सर्वसम्मति से अध्यक्ष सुभाष चंद्र यादव,कार्यकारी गुलजार यादव, ,उपाध्यक्ष भुनेश्वर प्रसाद,पपु तिवारी,उपेंद्र कुशवाह, कृष्णा मल्लाह का चयन किया गया सचिव बी डी पाण्डेय,उपसचिव अनिल यादव,कोषाध्यक्ष जयनाथ यादव,संगठनिक सचिव ममता प्रसाद,किरण पाण्डेय जिम्मेदारी दिया गया, प्रचार सचिव जितेंद्र मल्लाह,साधारण सदस्य राजनारायण मल्लाह को समिति किया गया।समिति में मुख्य सलाहकार के रूप में सुशील कुमार शुक्ल सलाहकार दिलीप झा,जमुना प्रसाद का चयन किया गया।
दुसरे सभा दोपहर 3 बजे आम सभा आयोजित की गई जिसमे चयनित सभी जिला समिति के कार्यकारणी को पद व गोपनीयता की सपथ पाठ केंद्रीय अध्यक्ष कैलाश कुमार गुप्ता ने कराये सभा मे आमंत्रित अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया जिसमे मुख्य अतिथि केंद्रीय समिति के अध्यक्ष कैलाश कुमार गुप्ता,केंद्रीय समिति के सलाहकार राजेन्द्र रॉय, सोनितपुर जिले के रंगपडा आँचलिक समिति समिति के अध्यक्ष रोहित गुप्ता,प्रत्येक आँचलिक के अध्यक्ष व सचिव को सम्मानित कि स्थानीय भोजपुरी संगठन से संबंधित प्रतिनिधियो को बरी बारी से असमीया गुलाम गमछा से सम्मानित किया गया सभा मे केन्द्रीय अध्यक्ष कैलाश गुप्ता जी ने सभी संस्थाओ के प्रतिनिधि से आग्रह किये की हम एक जुट होकर समाज हित मे काम करे एवं नवनिर्वाचित जिला समिति को शुभकामनाएं देते हुए एक जुट होकर सभी को एकत्रित कर समाज हित के लिये काम करने का आग्रह किए।सभा के बीच बीच मे भोजपुरी लोक गीत कजरी एवं असम के परंपरागत बिहू संस्कृति कार्यक्रम किया गया।