शिलचर। भारत सेवाश्रम संघ के उत्तर-पूर्व भारत के मुख्य संगठनकर्ता श्रीमत् स्वामी साधनानंदजी महाराज के निर्देश पर तथा शिलचर शाखा के ब्रह्मचारी गुणसिंधु महाराज की उपस्थिति में डॉ. सुंदरी मोहन सेवाश्रम (कल्याणी अस्पताल) में 60 स्वास्थ्यकर्मियों के बीच पूजा के वस्त्र वितरित किए गए।
इस अवसर पर काछाड़ हिंदू मिलन मंदिर के संयुक्त सचिव शतदल भट्टाचार्य, पीयूष चक्रवर्ती, डॉ. श्रीहंस सिपानी, डॉ. राहुल शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्मचारी गुणसिंधु महाराज ने कहा कि हिंदू धर्म के प्रचार-प्रसार में भारत सेवाश्रम संघ लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आ रहा है। स्वामी प्रणवानंद महाराज द्वारा स्थापित इस संघ का प्रमुख उद्देश्य हिंदू धर्म के आध्यात्मिक मूल्यों और शिक्षाओं का प्रसार करना है। धार्मिक आयोजनों, योग एवं ध्यान शिविरों तथा धर्मग्रंथों के पाठ के माध्यम से संघ लोगों में धार्मिक चेतना जागृत करता है। धार्मिक उत्सवों और आयोजनों में संघ की सक्रिय भागीदारी धार्मिक एकता एवं सामाजिक सद्भाव का उत्कृष्ट उदाहरण है।
उन्होंने आगे कहा कि आध्यात्मिक गतिविधियों के साथ-साथ भारत सेवाश्रम संघ समाजसेवा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दे रहा है। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत सामग्री का वितरण, गरीब एवं असहाय लोगों को निःशुल्क चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराना, शैक्षणिक संस्थानों का संचालन तथा जरूरतमंदों के बीच खाद्य सामग्री और वस्त्रों का वितरण संघ की प्रमुख सेवामूलक गतिविधियों में शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, वंचित एवं असहाय लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से भी संघ निरंतर कार्य कर रहा है।
भारत सेवाश्रम संघ की आध्यात्मिक एवं मानवसेवा संबंधी गतिविधियां समाज में मानवता, सेवा और सद्भाव के आदर्शों को स्थापित कर रही हैं। धार्मिक शिक्षा और सामाजिक सेवा का यह समन्वय संघ को एक विशिष्ट एवं विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।