बेतुकांडी बांध का अधूरा निर्माण बना चिंता का कारण, स्थानीय लोगों का फूटा गुस्सा; पारदर्शी जांच और शीघ्र कार्य पूरा करने की मांग

राजू दे शिलचर, 06 जूलाई :

काछार जिले के बेतुकांडी बांध का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़े रहने को लेकर एक बार फिर स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। वर्ष 2022 की विनाशकारी बाढ़ की भयावह यादें अभी भी लोगों के ज़ेहन में ताज़ा हैं। ऐसे में बांध का कार्य अब तक पूरा नहीं होने से क्षेत्र के लोग गंभीर चिंता जता रहे हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि वर्ष 2022 की भीषण बाढ़ में शिलचर शहर और बेतुकांडी सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल थे। उनका आरोप है कि उस समय बेतुकांडी बांध के कमजोर पड़ने से स्थिति और भी भयावह हो गई थी।

बाढ़ को कई वर्ष बीत जाने के बावजूद बांध का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हो सका है। इसको लेकर पुरुष और महिलाएं समान रूप से विरोध दर्ज करा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य सूखे मौसम में पूरा करने के बजाय बारिश के दौरान शुरू किया गया, जो योजना की कमी और संबंधित विभाग की लापरवाही को दर्शाता है।

स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बांध निर्माण में काले, सफेद तथा अन्य रंगों के बैगों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों पर संदेह पैदा हो रहा है। कुछ लोगों ने पूरे परियोजना में भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

बांध का कार्य अधूरा रहने के कारण क्षेत्र के विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और आम नागरिकों को प्रतिदिन आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि बेतुकांडी बांध का निर्माण कार्य जल्द, पारदर्शी और स्थायी तरीके से पूरा कराया जाए तथा परियोजना से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाए। अब सभी की निगाहें प्रशासन और संबंधित विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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