बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए आदिवासी कल्याण एवं विकास परिषद ने बढ़ाया सहायता का हाथ

शिवसागर: पूर्वी असम के शिवसागर, चराईदेउ, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में एक माह पहले आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत एवं पुनर्वास प्रयास अब भी जारी हैं। बाढ़ की विभीषिका में १०० से अधिक लोगों की मौत की खबर है, जबकि हजारों परिवार अपने घर, मवेशी, आजीविका और जरूरी सामान गंवा चुके हैं।

इस संकट की घड़ी में कई व्यक्तियों, संगठनों और गैर-सरकारी संस्थाओं ने बाढ़ प्रभावित समुदायों की सहायता के लिए आगे आकर राहत सामग्री उपलब्ध कराई। इसी क्रम में आदिवासी कल्याण एवं विकास परिषद (एडब्ल्यूडीसी) ने भी प्रभावित लोगों की मदद के लिए पहल की।

परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य (सीईएम) दुर्गा हसदा और उप मुख्य कार्यकारी सदस्य (डिप्टी सीईएम) पीटर डांग के नेतृत्व में परिषद के प्रतिनिधियों ने पूर्वी असम के कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और पीड़ित परिवारों के बीच आवश्यक राहत सामग्री वितरित की।

बाढ़ के बाद सामान्य जीवन बहाल करने और अपने उजड़े हुए जीवन को दोबारा पटरी पर लाने के लिए संघर्ष कर रहे परिवारों के लिए परिषद की यह सहायता महत्वपूर्ण साबित हुई।

स्थानीय लोगों ने संकट की इस घड़ी में सहायता प्रदान करने के लिए आदिवासी कल्याण एवं विकास परिषद के नेतृत्व और सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने परिषद के राहत कार्य को बाढ़ से प्रभावित समुदायों के प्रति एक महत्वपूर्ण मानवीय पहल और एकजुटता का प्रतीक बताया।

बाढ़ के एक महीने बाद भी प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण और जनजीवन को सामान्य बनाने की चुनौती बनी हुई है। ऐसे में विभिन्न संगठनों और सामाजिक संस्थाओं की ओर से जारी सहायता प्रभावित परिवारों के लिए राहत और उम्मीद का आधार बन रही है।

Leave a Comment