डिगबोई: डिगबोई रिफाइनरी में देर रात लेवल-२ ऑनसाइट इमरजेंसी डिजास्टर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अभ्यास का उद्देश्य बड़े औद्योगिक हादसे की स्थिति में आपातकालीन प्रतिक्रिया, संचार, समन्वय और बचाव व्यवस्था की तैयारियों का आकलन करना था।
मॉक ड्रिल के दौरान नाफ्था के बड़े रिसाव से आग लगने की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। परिदृश्य के अनुसार नाफ्था स्प्लिटर के पास चार इंच के बॉटम आउटलेट फ्लैंज से गर्म नाफ्था का रिसाव हुआ, जिससे हाइड्रोकार्बन वाष्प का बादल बना और बाद में फ्लैश फायर तथा पूल फायर की स्थिति उत्पन्न होने का अनुकरण किया गया।
अभ्यास के तहत रात ११:१५ बजे लेवल-१ आपातस्थिति घोषित की गई, जिसे स्थिति बिगड़ने के काल्पनिक परिदृश्य में ११:२२ बजे लेवल-२ आपातस्थिति में बदल दिया गया। इसके बाद इमरजेंसी कंट्रोल रूम सक्रिय किया गया और विभिन्न आपातकालीन दलों तथा समन्वयकों को तैनात किया गया।
मॉक ड्रिल में डिगबोई रिफाइनरी की आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों के साथ सीआईएसएफ, ऑयल इंडिया लिमिटेड, एचओईसी और एजीसीएल की म्यूचुअल-एड टीमों ने हिस्सा लिया। अभ्यास के दौरान अग्निशमन अभियान, आपातकालीन संचार, त्वरित निर्णय लेने और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की जांच की गई।
चिकित्सा आपातस्थिति से निपटने की तैयारी परखने के लिए एक ग्रीन कॉरिडोर भी बनाया गया। अभ्यास के तहत एक घायल व्यक्ति को एओडी अस्पताल से असम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, डिब्रूगढ़ ले जाने की प्रक्रिया का अनुकरण किया गया।
अंततः काल्पनिक आग पर काबू पा लिया गया और रात १२:१२ बजे ‘ऑल क्लियर’ घोषित किया गया। यह घोषणा चीफ इंसिडेंट कंट्रोलर रण मोनी महंत, सीजीएम (टेक्निकल), ने डिगबोई रिफाइनरी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर-कम-रिफाइनरी हेड राहुल प्रशांत के समन्वय से की।
राहुल प्रशांत ने कहा कि इस तरह के अभ्यास यह सुनिश्चित करने में मदद करते हैं कि आपातकालीन तैयारियां केवल लिखित प्रक्रियाओं तक सीमित न रहें, बल्कि वास्तविक संकट की स्थिति में प्रभावी और समन्वित कार्रवाई में बदल सकें। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल के माध्यम से संभावित कमियों की पहचान कर वास्तविक घटना से पहले उन्हें दूर किया जा सकता है।
रिफाइनरी के अनुसार, अभ्यास का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की सुरक्षा, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बाहरी एजेंसियों के साथ त्वरित एवं प्रभावी समन्वय की क्षमता को मजबूत करना था।