बराक नदी पर ऐतिहासिक जलमार्ग और स्टीमर सेवा बहाली की पहल, 2026-27 में यात्री नौकाएं चलने की उम्मीद

भारत सरकार को भेजा गया प्रस्ताव प्रक्रिया में, IWAI के जवाब में सामने आई जल परिवहन विकास की योजनाएं

शिव कुमार शिलचर, 29 अक्टूबर: असम की बराक घाटी में ऐतिहासिक जलमार्गों और स्टीमर सेवाओं को पुनर्जीवित करने की दिशा में पहल तेज होती दिखाई दे रही है। शिलचर निवासी विकास सिंह ने भारत सरकार को पत्र लिखकर ऐतिहासिक नदी मार्गों की व्यवहार्यता का अध्ययन कराने तथा असम सरकार और बांग्लादेश के संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने का आग्रह किया था। उपलब्ध सरकारी दस्तावेज के अनुसार, 28 सितंबर 2026 को इस प्रस्ताव की स्थिति ‘Under Process’ यानी प्रक्रिया के अधीन दर्ज की गई थी।

वहीं, भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) ने 8 अक्टूबर 2026 के अपने आधिकारिक जवाब में बराक नदी पर चल रही विकास योजनाओं की जानकारी दी। प्राधिकरण के अनुसार, बराक नदी को वर्ष 2016 में राष्ट्रीय जलमार्ग-16 घोषित किया गया था और यहां जल परिवहन को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं।

IWAI के अनुसार, 40 यात्रियों की क्षमता वाले 10 रैंपयुक्त मोटर चालित लाइटर जहाज तथा 70 यात्रियों और 10 दोपहिया वाहनों को ले जाने वाली दो उथले जल की नौकाओं की खरीद प्रक्रिया जारी है। इन्हें वित्त वर्ष 2026-27 में परिचालन में लाने की उम्मीद है।

प्राधिकरण ने बराक नदी और उसकी सहायक नदियों के विकास के लिए तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता अध्ययन तथा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार किए जाने की भी जानकारी दी। इसे चालू वित्त वर्ष के भीतर पूरा करने की उम्मीद है।आधिकारिक जवाब के मुताबिक, राष्ट्रीय जलमार्ग-16 पर करीमगंज और बदरपुर में आधुनिक कार्गो टर्मिनल विकसित किए गए हैं। बराक नदी का संपर्क भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल जलमार्गों के माध्यम से कोलकाता और सिलघाट से भी है। संबंधित जलमार्गों पर नौवहन के लिए आवश्यक गहराई बनाए रखने के उद्देश्य से ड्रेजिंग का कार्य किया जा रहा है।

प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार, कोलकाता से करीमगंज तक जलमार्ग की दूरी लगभग 1,318 किलोमीटर है, जबकि रेल मार्ग की दूरी करीब 1,340 किलोमीटर है।

विकास सिंह ने अपने प्रस्ताव में आधुनिक नदी टर्मिनल, माल परिवहन सुविधाओं और यात्रियों के लिए जेटी विकसित करने का सुझाव दिया था। जलमार्गों के विकास से क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होने के साथ व्यापार, पर्यटन और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है।

हालांकि, ऐतिहासिक स्टीमर सेवाओं को दोबारा शुरू करने की अंतिम मंजूरी और नियमित यात्री सेवा की निश्चित तारीख अभी घोषित होने की पुष्टि उपलब्ध दस्तावेजों से नहीं होती। अब बराक नदी के विकास संबंधी अध्ययन और सरकार के आगामी फैसलों पर निगाहें टिकी हैं।

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