बराक घाटी में हाईकोर्ट की स्थायी पीठ की मांग को लेकर जनहस्ताक्षर अभियान शुरू
उधारबंद, 30 मई (नीहार कांति राय, प्रेरणा भारती):
बराक घाटी में किसी भी उपयुक्त स्थान पर गुवाहाटी हाईकोर्ट की स्थायी पीठ स्थापित करने की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर शनिवार से व्यापक जनजागरण एवं जनहस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ किया गया। अभियान की शुरुआत श्री श्री कांचा कांती माता मंदिर परिसर से हुई।
इस अवसर पर कांचा कांती विद्या मंदिर में आयोजित एक सभा में विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति, अधिवक्ता, शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यालय की शिक्षिकाओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
प्रारंभिक वक्तव्य में विद्यालय के निदेशक हरिहर चक्रवर्ती ने कहा कि बराक घाटी के वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को न्याय प्राप्त करने के लिए गुवाहाटी जाना पड़ता है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि शिलचर अथवा बराक घाटी में हाईकोर्ट की स्थायी पीठ स्थापित होने से आम लोगों को न्याय सुलभ हो सकेगा।
हाईकोर्ट स्थायी पीठ स्थापना संघर्ष समिति के अध्यक्ष ध्रुवज्योति साहा ने कहा कि यह आंदोलन कई दशकों पुराना है। उन्होंने बताया कि प्रारंभ में कछार, हैलाकांदी और करीमगंज के अधिवक्ताओं ने संयुक्त रूप से इस मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया था। हालांकि आम लोगों में यह गलत धारणा फैल गई थी कि इससे केवल वकीलों को लाभ होगा, जिसके कारण आंदोलन को अपेक्षित जनसमर्थन नहीं मिल पाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थायी पीठ की स्थापना से सबसे अधिक लाभ आम जनता को होगा।
साहा ने बताया कि वर्तमान संघर्ष समिति लगातार लोगों, छात्रों, शैक्षणिक संस्थानों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ संपर्क कर इस मांग के पक्ष में जनमत तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि डिमा हसाओ जिले के लोगों ने भी इस मांग का समर्थन किया है। अभियान के तहत एकत्रित जनहस्ताक्षरों को आगामी 16 जुलाई को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात के दौरान उन्हें सौंपा जाएगा।
समिति के कार्यकारी सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता धर्मानंद देव ने पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से गुवाहाटी हाईकोर्ट की स्थापना के इतिहास तथा स्थायी पीठ की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी अपने चुनावी घोषणापत्रों में इस मांग का उल्लेख किया है। स्थायी पीठ बनने से बराक घाटी के लोगों को न्यायिक, आर्थिक और प्रशासनिक स्तर पर व्यापक लाभ मिलेगा।
उधारबंद के विधायक राजदीप गोवाला ने इस मांग के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि इसके क्रियान्वयन के लिए वे हरसंभव सहयोग करेंगे। उन्होंने संघर्ष समिति के साथ मिलकर आगे की आंदोलनात्मक रणनीति तैयार करने का भी आश्वासन दिया।
सभा को राजश्री चक्रवर्ती और असीम दे ने भी संबोधित किया। मंच पर अधिवक्ता शांतनु नायक, प्रसेनजीत देव, समिति के सचिव कमल चक्रवर्ती, डॉ. विभास दे, शिक्षाविद सूर्य कुमार शर्मा, शिलचर बार एसोसिएशन की उपाध्यक्ष एवं समिति की कार्यकारी सदस्य तूहिना शर्मा, सुमिता घोष सहित कई विशिष्ट व्यक्ति उपस्थित थे।
कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र-छात्राएं, शिक्षक-शिक्षिकाएं, जीपी सभानेत्री काकली कर, अधिवक्ता तथा स्थानीय गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता देवमिता चक्रवर्ती ने किया।