शिलचर, 29 अक्टूबर। बराक घाटी में कृषि क्षेत्र के विकास, फसल विविधीकरण और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से असम सरकार कई महत्वपूर्ण पहल कर रही है। इसी क्रम में गुरुवार को कछार जिले के लक्षीपुर विधानसभा क्षेत्र के मरकुलिन इलाके में आयोजित अनानास उत्पादक किसानों के सम्मेलन में राज्य के कृषि मंत्री पीयूष हजारिका शामिल हुए। सम्मेलन में उन्होंने अनानास की खेती का विस्तार, बेहतर विपणन व्यवस्था विकसित करने तथा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने पर विशेष जोर दिया।
मरकुलिन क्षेत्र में लगभग पांच हजार परिवार अनानास की खेती से जुड़े हुए हैं। मंत्री ने उम्मीद जताई कि यदि इस क्षेत्र में अनानास उत्पादन को योजनाबद्ध तरीके से बढ़ावा देने के साथ-साथ विपणन व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए और किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, तो हजारों परिवारों को लाभ मिलेगा। इस दौरान उन्होंने किसानों की विभिन्न समस्याओं को भी सुना और उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
किसान सम्मेलन के बाद मंत्री पीयूष हजारिका, मंत्री कौशिक राय, दोनों विधायक कमलाक्ष दे पुरकायस्थ और किशोर नाथ सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने लक्षीपुर क्षेत्र के अनानास बागानों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही लक्षीपुर दौरे के दौरान उन्होंने दीवान चाय बागान में चल रही ऑयल पाम की खेती की प्रगति की भी समीक्षा की।
दूसरी ओर, मंत्री पीयूष हजारिका ने जिला आयुक्त कार्यालय में आयोजित एक समीक्षा बैठक में भी हिस्सा लिया। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि कछार जिले के किसानों को बेहतर उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए सिंचाई व्यवस्था के विकास एवं विस्तार में तेजी लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि बराक घाटी के किसानों को सहायता प्रदान करने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।
मंत्री के इस दौरे में अनानास की खेती के विस्तार, किसानों की समस्याओं के समाधान, विपणन व्यवस्था में सुधार, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार तथा ऑयल पाम की खेती की संभावनाओं की समीक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। उम्मीद जताई जा रही है कि इन पहलों से बराक घाटी की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।