हाइलाकांडी/काठीघोड़ा। काठीघोड़ा के नवनिर्वाचित विधायक कमलाक्ष्य दे पुरकायस्थ ने कहा है कि बदरपुर का नाम बदलकर ‘सिद्धेश्वर धाम’ रखने का प्रस्ताव भारतीय सभ्यता और संस्कृति के सम्मान से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि जो लोग भारतीय संस्कृति का सम्मान करते हैं, वे इस प्रस्ताव का समर्थन करेंगे।
रविवार को काठीघोड़ा स्थित अपने आवास पर आयोजित पत्रकार सम्मेलन में विधायक ने बताया कि पौराणिक मान्यता के अनुसार कपिल मुनि ने पांचग्राम स्थित सिद्धेश्वर कपिलाश्रम शिव मंदिर में सिद्धि प्राप्त की थी। इसी कारण मंदिर का नाम सिद्धेश्वर कपिलाश्रम शिव मंदिर पड़ा। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व को देखते हुए बदरपुर का नाम बदलकर ‘सिद्धेश्वर धाम’ रखा जाना उचित होगा।
विधायक ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के समक्ष प्रस्ताव रखा है, जिस पर मुख्यमंत्री ने सहमति जताई है। उनके अनुसार, आवश्यक सरकारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शीघ्र ही बदरपुर का नाम आधिकारिक रूप से ‘सिद्धेश्वर धाम’ घोषित किया जा सकता है।
उत्तर करीमगंज के विधायक जकारिया अहमद पन्ना द्वारा हाल में दिए गए उस बयान, जिसमें उन्होंने नाम परिवर्तन की बजाय क्षेत्र के विकास पर ध्यान देने की बात कही थी, पर प्रतिक्रिया देते हुए कमलाक्ष्य दे पुरकायस्थ ने कहा कि विकास और भारतीय संस्कृति का सम्मान दोनों साथ-साथ चल सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण को भी प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में पांचग्राम स्थित कपिलाश्रम शिव मंदिर में प्रस्तावित फुट ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया है। राज्य सरकार मंदिरों और धार्मिक स्थलों के विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
इस अवसर पर अपराध एवं भ्रष्टाचार निरोधक संस्था की हाइलाकांडी जिला समिति के मीडिया सेल के अध्यक्ष सिप्रीयान डायास ने विधायक कमलाक्ष्य दे पुरकायस्थ को गमछा भेंट कर सम्मानित किया।
— सिप्रीयान डायास, हाइलाकांडी