शिलचर, 25 सितंबर 2026: क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, सिलचर में आज फार्माकोविजिलेंस (औषधि सतर्कता) विषय पर एक जागरूकता व्याख्यान का आयोजन संस्थान के प्रतीक्षालय में किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के सहायक निदेशक एवं प्रभारी डॉ. आर. मुरुगेस्वरन के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन संस्थान के फार्माकोविजिलेंस समन्वयक डॉ. अब्दुल अलीम, अनुसंधान अधिकारी (यूनानी) द्वारा किया गया तथा विषय पर जागरूकता व्याख्यान भी डॉ. अब्दुल अलीम द्वारा दिया गया।
अपने व्याख्यान में डॉ. अब्दुल अलीम ने फार्माकोविजिलेंस के उद्देश्य, औषधियों के सुरक्षित एवं तर्कसंगत उपयोग तथा संदिग्ध प्रतिकूल औषधि प्रतिक्रियाओं (एडीआर) की पहचान, प्रलेखन एवं रिपोर्टिंग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किसी संदिग्ध प्रतिकूल प्रतिक्रिया की रिपोर्टिंग के लिए यह आवश्यक नहीं है कि औषधि और प्रतिक्रिया के बीच संबंध पहले से पूर्णतः सिद्ध हो। ऐसी सूचनाओं की समय पर रिपोर्टिंग औषधि सुरक्षा से संबंधित संकेतों की पहचान तथा रोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
व्याख्यान के दौरान विशेष रूप से यूनानी एवं अन्य आयुष औषधियों से संबंधित फार्माकोविजिलेंस के महत्व पर भी चर्चा की गई। स्वास्थ्यकर्मियों तथा संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संदिग्ध प्रतिकूल औषधि प्रतिक्रियाओं के प्रति सतर्क रहने तथा उनकी उचित रिपोर्टिंग के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सहायक निदेशक एवं प्रभारी डॉ. आर. मुरुगेस्वरन ने अपने समापन उद्बोधन में औषधि सुरक्षा एवं फार्माकोविजिलेंस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को उपयोगी बताया तथा सभी को औषधियों के सुरक्षित उपयोग के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।
तत्पश्चात डॉ. नाज़िम हुसैन, अनुसंधान अधिकारी (यूनानी) ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग एवं सहभागिता के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य औषधि सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना तथा “पहचानें, प्रलेखित करें और रिपोर्ट करें” के संदेश को प्रोत्साहित करना था।