शिलचर, 21 जून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की नई किस्त जारी करते हुए देश के 9.44 करोड़ किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से कुल 18,880 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए। इस अवसर पर कछार जिले में भी जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा विभिन्न केंद्रों पर कार्यक्रम और सीधा प्रसारण आयोजित किया गया।
कृषि विभाग के अनुसार, कछार जिले के लगभग 69 हजार पात्र किसान इस किस्त से लाभान्वित हुए हैं। किसानों को योजना की जानकारी देने तथा प्रधानमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण दिखाने के लिए जिले के 15 से अधिक स्थानों पर विशेष व्यवस्था की गई थी। इनमें कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), किसान समृद्धि केंद्र तथा पंचायत स्तरीय केंद्र शामिल थे।
मुख्य जिला स्तरीय कार्यक्रम शिलचर के बी.आर. दत्ता प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया। इस अवसर पर सांसद परिमल शुक्लबैद्य, विधायक राजदीप रॉय, उधारबंद विधायक प्रतिनिधि असीम देव, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सुरेश चंद्र विश्वास, विभागीय कृषि अधिकारी नकीबुर जमां, किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज कांती दास, जिला महासचिव अंशुमान दास सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति, कृषि अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉ. सुरेश चंद्र विश्वास ने स्वागत भाषण देते हुए योजना के उद्देश्य और किसानों के लिए इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। सांसद परिमल शुक्लबैद्य ने कहा कि पीएम-किसान योजना के तहत किसानों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाती है। उन्होंने किसानों से इस राशि का उपयोग कृषि निवेश और उत्पादन बढ़ाने के लिए करने का आह्वान किया।
विधायक राजदीप रॉय ने कहा कि वर्ष 2019 में योजना शुरू होने के बाद से देशभर के किसानों तक लगभग साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता पहुंचाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
कार्यक्रम का संचालन विषय विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु मिश्रा ने किया। जिला कृषि विभाग ने बताया कि किसानों को योजना का लाभ समय पर उपलब्ध कराने तथा तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए विभागीय अधिकारी और कृषि कर्मी लगातार सक्रिय हैं। पीएम-किसान योजना के तहत मिलने वाली यह सहायता किसानों की आर्थिक मजबूती और कृषि विकास में सहायक सिद्ध हो रही है।