पूर्व संगीत शिक्षक सजल कांति नाथ का निधन, कलाकार जगत में शोक

कलाकार पेंशन की आस भी रह गई अधूरी

गौतम सरकार, रामकृष्णनगर, 11 सितंबर: श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के रामकृष्ण विद्यापीठ हायर सेकेंडरी स्कूल के पूर्व संगीत शिक्षक एवं वरिष्ठ संगीत कलाकार सजल कांति नाथ का गुरुवार रात कॉलेज रोड स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वे 74 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर फैलते ही क्षेत्र के कलाकारों, पूर्व विद्यार्थियों और शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई।

बताया गया कि कुछ वर्ष पूर्व रामकृष्ण विद्यापीठ में एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें ब्रेन स्ट्रोक आया था। उपचार के बाद घर लौटने के बावजूद वे पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो सके। इसके बाद लंबे समय तक अस्वस्थता के बीच उन्होंने जीवन व्यतीत किया। शारीरिक अस्वस्थता के बावजूद संगीत के प्रति उनका समर्पण कम नहीं हुआ। किसी संस्था या संगठन से निमंत्रण मिलने पर वे अपनी क्षमता के अनुसार कार्यक्रमों में शामिल होते रहे।

सजल कांति नाथ ने रामकृष्ण विद्यापीठ में कई वर्षों तक अस्थायी संगीत शिक्षक के रूप में सेवाएं दीं। उनके पढ़ाए अनेक विद्यार्थी आज देश-विदेश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिष्ठित हैं। शुक्रवार को रामकृष्णनगर के 7 नंबर वार्ड अंतर्गत नाथ कालाछुप गांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया। पूर्व छात्राओं काबेरी सरकार, महाश्वेता चक्रवर्ती और अनामिका मल्लिक ने उनके आवास पर पहुंचकर अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।

शोक संतप्त लोगों ने कहा कि सजल कांति नाथ एक आदर्श, ज्ञानवान और समर्पित संगीत शिक्षक थे। जीवनभर संगीत और विद्यार्थियों को देने वाले इस कलाकार को सरकारी कलाकार पेंशन का लाभ नहीं मिल सका। यह उनके जीवन की एक बड़ी पीड़ा और अधूरी इच्छा रही।

उनके निधन पर वार्ड कमिश्नर संदीप दत्त, मधुसूदन कर, कदमटला हाई स्कूल के पूर्व प्रधानाचार्य अरुण चौधरी, सांस्कृतिक कार्यकर्ता विश्वतोष सेन, समरजीत विश्वास, दीप कर, सब्यसाची रुद्र गुप्त सहित कई लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया। शिलचर के प्रसिद्ध ऑर्थोपेडिक चिकित्सक एस.के. दास ने इसे रामकृष्णनगर के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

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