विद्या भारती पूर्वोत्तर क्षेत्र द्वारा पूर्वोत्तर अध्ययन मण्डल का गठन किया गया, जिसके अंतर्गत 10 दिवसीय शैक्षिक सांस्कृतिक यात्रा का आयोजन किया गया। पूर्वोत्तर के सभी राज्यों से विद्या भारती के चयनित प्रधानाचार्य, आचार्य, पूर्व छात्र, प्रबंध समिति के सदस्य, पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं ने इस यात्रा में हिस्सा लिया। विद्या भारती के राष्ट्रीय महामंत्री अवनीश भटनागर का भी मार्गदर्शन यात्रा के अंतर्गत प्राप्त हुआ। गुवाहाटी से प्रयागराज, सतना, चित्रकूट, कालिंजर, पन्ना, छतरपुर, उज्जैन, भोपाल, बनखेडी सहित जबलपुर के विभिन्न शैक्षिक प्रकल्प एवं सांस्कृतिक धरोहरों का दर्शन प्रतिभागियों ने किया।
यात्रा के अंतर्गत जनजातीय शिक्षा, ग्रामीण शिक्षा, कौशल विकास, पूर्व छात्रों द्वारा प्रबंधन, आदि का प्रत्यक्ष दर्शन किया। महात्मा गाँधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय द्वारा वीरांगना रानी दुर्गावती पर आधारित आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में सभी प्रतिभागी सम्मिलित हुए। रानी दुर्गावती शोध संस्थान द्वारा आयोजित पञ्चशतवार्षिकी समारोह में सम्मिलित होते हुए महाराजा छात्रशाल स्मृति शोध संस्थान की वार्षिक साधारण सभा में सभी प्रतिभागी सम्मिलित हुए। पूर्वोत्तर शैक्षिक मण्डल ने चित्रकूट में दीनदयाल शोध संस्थान एवं गोविंद नगर में भाऊ साहब भुस्कुटे स्मृति लोक न्यास की विभिन्न परियोजनाओं का दर्शन करते हुए कृषि विज्ञान केन्द्र का भी अवलोकन किया। आरुणाचल प्रदेश मुख्यमंत्री के सलाहकार ताई तागक यात्रा के संरक्षक रहे एवं विद्या भारती पूर्वोत्तर के क्षेत्रीय मंत्री डॉ. जगदीन्द्र रायचौधुरी यात्रा के संयोजक रहे। इस यात्रा में कुल 81 प्रतिभागी सम्मिलित हुए। सभी स्थानों पर पूर्वोत्तर अध्ययन मण्डल के सदस्यों का स्मृति चिन्ह व अंगवस्त्र प्रदान कर भव्य स्वागत किया गया।