अंतिम दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ बाउल संगीत ने बांधा समां
गौतम सरकार, रामकृष्णनगर, 3 अक्टूबर: नालारपार पल्लिश्री हाई स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह के दूसरे एवं अंतिम दिन विभिन्न कार्यक्रमों, सम्मान समारोह, सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं और बाउल संगीत का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्मृति तर्पण के तहत दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। मुख्य अतिथि सहित उपस्थित विशिष्ट अतिथियों ने विद्यालय के संस्थापकों एवं दिवंगत विभूतियों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सामूहिक गीत प्रस्तुत किया। आयोजन समिति की ओर से मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों को उत्तरीय पहनाकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय की स्वर्ण जयंती स्मारिका ‘पल्लवी प्रभा’ का विशिष्ट अतिथियों के हाथों विमोचन किया गया। हाइलाकांदी के विधायक मिलन दास ने छात्र-छात्राओं की चित्रकला प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। विद्यालय की स्थापना से जुड़े व्यक्तियों के परिजनों, पूर्व शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा वर्तमान एवं पूर्व कर्मचारियों को सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं, पूर्व विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र एवं कलम देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के दो वर्गों के विद्यार्थियों के बीच वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। आमंत्रित विद्यालयों के विद्यार्थियों ने संगीत एवं नृत्य प्रतियोगिताओं में भाग लिया। संगीत प्रतियोगिता में रामकृष्ण विद्यापीठ ने प्रथम, आइडियल होम ने द्वितीय तथा पल्लिश्री हाई स्कूल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। नृत्य प्रतियोगिता में जीसी पाल मेमोरियल एकेडमी प्रथम, आइडियल होम द्वितीय तथा पल्लिश्री हाई स्कूल तृतीय स्थान पर रहा। धामाइल प्रतियोगिता में पूर्व बरुआला ने प्रथम, पल्लिमंगल ने द्वितीय तथा सागरिका एवं उनकी टीम ने तृतीय स्थान हासिल किया। विजेताओं को विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं आयोजन समिति के अध्यक्ष सहित अन्य सदस्यों ने पुरस्कार प्रदान किए।
स्मारिका के संपादक मृगांक पुरकायस्थ ने कहा कि यह पूरे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक दिन है। पल्लिश्री हाई स्कूल ने अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे कर लिए हैं। विद्यालय की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिकांश लोग आज हमारे बीच नहीं हैं। केवल सुधेंदु कुमार नाथ जीवित हैं, जो इस समारोह में उपस्थित हैं। उन्होंने सभी दिवंगत संस्थापकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि इस स्थान को भले ही नालारपार के नाम से जाना जाता हो, लेकिन इसकी पहचान आज पल्लिश्री हाई स्कूल के नाम से है।
सम्मिलित सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष मृगांक दत्त चौधरी ने कहा कि स्वर्ण जयंती समारोह में नई और पुरानी पीढ़ी का ऐसा मिलन देखकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है। वर्ष 1976 में क्षेत्र के शिक्षाप्रेमी लोगों ने उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए यहां हाई स्कूल की आवश्यकता महसूस की थी। उन्होंने विद्यालय की स्थापना में योगदान देने वाले सभी दिवंगत व्यक्तियों को श्रद्धांजलि दी।
रामकृष्णनगर कॉलेज की अंग्रेजी विभाग की पूर्व प्राध्यापिका डॉ. माला शर्मा ने आयोजन में आमंत्रित करने के लिए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 50 वर्ष पूर्व स्थापित इस शिक्षण संस्थान की उपलब्धि सराहनीय है। इसके निर्माण एवं विकास में त्याग और योगदान देने वाले सभी लोगों के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा है।
इस अवसर पर रामकृष्ण विद्यापीठ हायर सेकेंडरी स्कूल के पूर्व प्राचार्य शरदिंदु नाथ मजूमदार, शिक्षाविद् सुधेंदु कुमार नाथ, रामकृष्णनगर नगरपालिका की अध्यक्ष प्रतिमा नाथ, शिक्षक रथीश नाथ, पूर्व शिक्षक मृणाल कांति दास, कदमतला हाई स्कूल के पूर्व प्रधानाध्यापक अरुण चौधरी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी संबोधित किया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक, आयोजन समिति के अध्यक्ष, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों को भी उत्तरीय पहनाकर तथा सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।
समारोह के अंतिम चरण में पश्चिम बंगाल के बोलपुर-शांतिनिकेतन से आए बाउल कलाकार गौतम दास बाउल और संचिता सरकार चौधरी ने अपनी मनमोहक बाउल संगीत प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया। आयोजन समिति की ओर से दोनों कलाकारों को उत्तरीय एवं सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।
अंततः राष्ट्रगान के साथ पल्लिश्री हाई स्कूल का तीन दिवसीय स्वर्ण जयंती समारोह संपन्न हुआ।
स्वर्ण जयंती आयोजन समिति के प्रमुख सदस्यों में विद्यालय के प्रधानाध्यापक शिवशंकर भट्टाचार्य, प्रबंध समिति के अध्यक्ष हिमांशु देवनाथ, विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के नवनियुक्त अध्यक्ष काजल दास, उपाध्यक्ष सुरेंद्र राय तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं में हेमंत देवनाथ, सुबीर दास, निरंजना दास, मुक्तादिर अहमद, रफीक अहमद, राजदीप दास तालुकदार, प्रद्युत नाथ, देवेंद्र राय, शंकु भूषण नाथ, स्वपन दास, जयंत नाथ, यीशु विकास नाथ, रिपन दास, प्रसनजीत राय सहित अन्य सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।