नेताजी की अंतर्धान रहस्य पर चर्चा,
भाषिक अल्पसंख्यकों की भविष्य को लेकर चिंता
पत्रकार राजू सेनगुप्ता सम्मानित
शिलचर, 24 जनवरी: नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 130वीं जयंती तथा भाषा सेनानी, पत्रकार-लेखक-समाजचिंतक परितोष पालचौधुरी की 10वीं पुण्यतिथि के अवसर पर यूटीडीसी और बराक नागरिक संसद के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को शिलचर प्रेस क्लब में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में “उत्तर-पूर्व भारत की राजनीति और भाषिक अल्पसंख्यकों का भविष्य” विषय पर गंभीर चर्चा हुई। वक्ताओं ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर-पूर्व भारत में भाषिक अल्पसंख्यक, विशेषकर बंगाली समाज, निरंतर उपेक्षा, भेदभाव और हिंसक हमलों का शिकार हो रहे हैं। अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन घटनाओं में पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है।
चर्चा के दौरान वक्ताओं ने यह भी कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस के अंतर्धान का रहस्य आज तक सुलझ नहीं पाया है, जो पूरे देश के लिए पीड़ादायक विषय बना हुआ है।
इस अवसर पर शिलचर के वरिष्ठ पत्रकार राजू सेनगुप्ता को पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर निष्ठा और ईमानदारी से दायित्व निर्वहन के लिए ‘परितोष पालचौधुरी स्मारक पत्रकारिता पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में परितोष पालचौधुरी के नाम पर शिलचर में किसी सड़क का नामकरण करने की मांग भी जोरदार ढंग से उठाई गई।
विचार व्यक्त करने वालों में कवि-पत्रकार-चिंतक अतिन दास, बराक नागरिक संसद के मुख्य सचिव शंकर दे, प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष रितेन भट्टाचार्य, पत्रकार चयन भट्टाचार्य, कवि-पत्रकार स्मृति पाल नाथ, कवि-समाजकर्मी शतदल आचार्य, पत्रकार-समाजकर्मी समीरन चौधुरी, पत्रकार मेघनाथ कर सहित अन्य प्रमुख वक्ता शामिल थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता यूटीडीसी के अध्यक्ष संजित देवनाथ ने की। परितोष पालचौधुरी की स्मृति में कवि-शिक्षिका-अधिवक्ता कस्तूरी होमचौधुरी ने स्वरचित कविता पाठ किया। वहीं, कलाकार श्रावणी सरकार की मनमोहक संगीत प्रस्तुति ने कार्यक्रम को भावनात्मक ऊँचाई प्रदान की।