कुमार भास्कर वर्मा संस्कृत एवं पुरातनाध्ययन विश्वविद्यालय में राज्य स्तरीय अखिल भारतीय शास्त्रीय स्पर्धा सम्पन्न

नलबारी, 20/01/2026
कुमार भास्कर वर्मा संस्कृत एवं पुरातनाध्ययन विश्वविद्यालय में केंद्रीय
संस्कृत विश्वविद्यालय के सहयोग से असम, अरुणाचल प्रदेश एवं
मणिपुर राज्यों के प्रतिभागियों की सहभागिता से राज्य स्तरीय अखिल
भारतीय शास्त्रीय स्फूर्ति स्पर्धा का भव्य आयोजन किया गया।
प्रतियोगिता का उद्घाटन समारोह पूर्वाह्न 11 बजे आरम्भ हुआ।
उद्घाटन समारोह का शुभारम्भ विश्वविद्यालय के वेद अध्ययन विभाग
के शिक्षक महेश भट्ट महोदय द्वारा वैदिक मंगलाचरण से किया गया।
कार्यक्रम का सुव्यवस्थित संचालन प्रतियोगिता की सह-संयोजिका,
सर्वदर्शन विभाग की अध्यापिका सुश्री लोपामुद्रा गोस्वामी महोदया
द्वारा किया गया, जिसमें प्रतियोगिता के सह-संयोजक डॉ. मिलन माजी
महोदय ने सहयोग प्रदान किया। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलगुरु
आचार्य प्रह्लाद रा. जोशी महोदय प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने
प्रतियोगिता में सम्मिलित सभी प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत किया
तथा संस्कृत शास्त्रों के संरक्षण एवं प्रसार में ऐसी प्रतियोगिताओं के
महत्व को रेखांकित किया। इसके पश्चात विश्वविद्यालय के कुलसचिव
प्रो. विकास भार्गव शर्मा महोदय ने भी अपने प्रेरणादायक विचार
प्रस्तुत किए।
इसी अवसर पर प्रतियोगिता के संयोजक एवं सर्वदर्शन विभागाध्यक्ष
प्रो. रणजीत कुमार तिवारी महोदय ने प्रतियोगिता की विशेष पृष्ठभूमि
पर प्रकाश डालते हुए उसके उद्देश्य, स्वरूप एवं नियमों को स्पष्ट रूप से
समझाया। अतिथि के रूप में शराईघाट महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.
मणि शर्मा महोदय तथा भट्टदेव विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग की
सहाचार्या डॉ. रुणिमा शर्मा महोदया भी उपस्थित रहीं। सभा में
विश्वविद्यालय के ध्येय वाक्य का पाठ सर्वदर्शन विभाग के शोध छात्र
लिराज काफ्ले द्वारा किया गया।
उद्घाटन सत्र के पश्चात विभिन्न विषयों में अनेक शास्त्रीय प्रतियोगिताओं
का आयोजन किया गया। इनमें प्रमुख रूप से— साहित्य भाषण,
धर्मशास्त्र भाषण, वेद भाष्य भाषण, ज्योतिष भाषण, व्याकरण
शलाका, साहित्य शलाका, न्याय शलाका, मीमांसा शलाका, वेदान्त
शलाका, ज्योतिष शलाका, पुराण–इतिहास शलाका, भारतीय गणित
शलाका, अर्थशास्त्र शलाका, काव्य शलाका, काव्य कण्ठपाठ, अष्टाध्यायी
कण्ठपाठ, सुभाषित कण्ठपाठ, रामायण कण्ठपाठ, उपनिषद् कण्ठपाठ,
चरक संहिता कण्ठपाठ, समस्या पूर्ति, अक्षर श्लोकी, शास्त्रार्थ विचार,
शास्त्रीय स्फूर्ति स्पर्धा आदि सम्मिलित थीं।
इन प्रतियोगिताओं में असम राज्य के विभिन्न संस्थानों एवं गुरुकुलों से,
साथ ही मणिपुर से आए अनेक प्रतिभागियों ने अत्यंत उत्साहपूर्वक भाग
लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी प्रतियोगिताओं का अत्यंत
सुव्यवस्थित ढंग से संचालन किया गया। समग्र कार्यक्रम ने संस्कृत विद्या
की जीवंत परंपरा को सुदृढ़ करते हुए शास्त्रीय प्रतिभाओं के संवर्धन में
महत्वपूर्ण योगदान प्रदान किया।