बिश्वनाथ चाराली, 6 अगस्त : देश में पहला सार्वजनिक क्षेत्र का कृषि ड्रोन चालक प्रशिक्षण केंद्र बिश्वनाथ चाराली स्थित कृषि मशीनरी प्रशिक्षण और परीक्षण संस्थान में स्थापित किया जाएगा। इसके लिए उपयुक्त कक्षाओं, प्रयोगशालाएं और अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं और आवश्यक संबंधित कार्यों के लगभग 95 प्रतिशत पूरे कर लिए गए हैं और बहुत जल्द प्रशिक्षण प्रदान करने की व्यवस्था किया जाएगा। इसकी घोषणा आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में उत्तर पूर्वी क्षेत्र कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान के निदेशक श्रीमती पी कमलाबाई ने की। इसके अलावा, 1990 में स्थापित कृषि यंत्र प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान में इसकी स्थापना से लेकर वर्तमान तक आयोजित प्रशिक्षण एवं परीक्षण के कार्यों का विवरण, किसानों के लिए लागू की गई विभिन्न योजनाओं और प्रगति की जानकारी दी। पुरुष और महिला प्रशिक्षुओं के लिए निःशुल्क छात्रावास हैं, लेकिन छात्रावास में रहने वाले प्रशिक्षुओं ने अपने खर्च पर भोजन करना होगा परन्तु , हलवाई के लिए उन्हें कोई खर्च नहीं उठाना होगा। किसान प्रशिक्षुओं के लिए 200 रुपये प्रति दिन और दूर से आने वाले किसानों को साधारण श्रेणी की रेल या बसों के यात्रा भत्ता दिया जाएगा। अन्य पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण लेने के इच्छुक प्रशिक्षुओं ने प्रति सप्ताह 200 रुपये और प्रबंधन स्तर के प्रशिक्षुओं ने 2500 रुपये का शुल्क देना होगा। कृषि क्षेत्र में मशीनीकरण लागत पर अधिक फसल पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा क्योंकि कृषि उपज में गिरावट, जलवायु परिवर्तन आदि जैसे विभिन्न कारणों से फसलों का उत्पादन घट रहा है और किसानों को अधिक लाभ होगा। संस्थान प्रशिक्षण में लिए विभिन्न प्रकार की कृषि मशीनरी भी उपलब्ध है। परीक्षण भारतीय मानक ब्यूरो की निर्दिष्ट गाईड लाइन के अनुसार किया जाता है। निदेशक ने कहा कि फील्ड परीक्षण और प्रयोगशाला परीक्षण उपकरण के अनुप्रयोग के अनुसार आयोजित किए जाते हैं, जिसके लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा पहले ही स्थापित किया जा चुका है और निकट भविष्य में बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जाएगा। यात्रा के दौरान असम और सिक्किम की सैकड़ों महिला किसान प्रशिक्षुओं से बात किया। महिला प्रशिक्षुओं ने कृषि फसलों के उत्पादन कर आत्मनिर्भर बनने की सद्भावना व्यक्त की। इंजीनियरिंग छात्रों, सरकारी विभागों के विभागीय कर्मचारियों, कृषि मशीनरी निर्माण कंपनियों के कर्मचारियों, गैर सरकारी संगठनों, फार्म उत्पादक कंपनियों (एफ पी सी) के अधिकारियों या नामित सदस्यों के अलावा भारत के विभिन्न हिस्सों से किसानों को कृषि क्षेत्र में मशीनरी की प्रयोग और मरम्मत में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए संस्थान नियमों अधीन हर सम्भव प्रयास करने के लिए तैयार है और किसानों ने इस सुविधा का लाभ उठाना चाहिए। परिदर्शन के दौरान यह जानकारी मिली कि 1955 में मध्य प्रदेश के बुदनी में पहली कृषि मशीनरी प्रशिक्षण और परीक्षण संस्थान का स्थापना हुई थी और क्रमिक रूप से हरियाणा के हिसार, अन्ध्र प्रदेश के गार्लाडिन्ने और असम के बिश्वनाथ चाराली में स्थापित किया गया है । तब से लेकर आजतक में 11 जुलाई को कृषि मशीनरी प्रशिक्षण और परीक्षण संस्थान, बिश्वनाथ चाराली में कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण प्रतिष्ठान की इतिहास में पहली महिला निदेशक के रुप में पी कमलाबाई को नियुक्ति मिली है और उन्होंने उत्तर पूर्वी क्षेत्र कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान में योगदान किया। परिदर्शन और संवाद मेल के दौरान निदेशक पी. कमलाबाई, वरिष्ठ कृषि अभियंता पी सी मेश्राम, फार्म अधीक्षक तेजबीर सिंह, कृषि अभियंता एम आर पाटिल, रजनीश पटेल, प्रशासनिक अधिकारी बितुल पायेंग, यू,डी. सी. बी उपाध्याय और बिश्वनाथ चाराली प्रेस क्लब के अध्यक्ष पुलक हजारिका, महासचिव अमीर खान और अन्य पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।