उधारबंद,: महालया एवं शारदीय दुर्गापूजा के मद्देनजर पुरोहितों को पूजा-पद्धति और शास्त्रीय विधि-विधान का प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से रविवार को उधारबंद श्रीश्री कांचाकांति मां मंदिर में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
पुरोहित प्रशिक्षण केंद्र की उधारबंद क्षेत्रीय समिति के आयोजन में हुई कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि दिव्यज्योति गांगुली ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में केंद्र के संस्थापक अध्यक्ष कल्याण भट्टाचार्य, केंद्रीय अध्यक्ष सिद्धार्थ भट्टाचार्य, उपाध्यक्ष अशोक विजय भट्टाचार्य, क्षेत्रीय अध्यक्ष पीयूष भट्टाचार्य तथा प्रधान आचार्य किशोर भट्टाचार्य सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि दिव्यज्योति गांगुली ने भारतीय परंपरा एवं संस्कृति के संरक्षण पर जोर देते हुए संस्कृत भाषा के अध्ययन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दुर्गापूजा में बाहरी आडंबर के बजाय शास्त्रीय परंपरा और पूजा के मूल भाव को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
प्रशिक्षण सत्र में प्रधान आचार्य किशोर भट्टाचार्य, अशोक विजय भट्टाचार्य और सिद्धार्थ भट्टाचार्य ने पूजा के संकल्प, ध्यान एवं विभिन्न शास्त्रीय विधि-विधानों की जानकारी दी। कार्यशाला में उधारबंद तथा आसपास के क्षेत्रों के अनेक पुरोहितों ने भाग लिया।
आयोजकों के अनुसार, दुर्गापूजा से पहले आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यशाला पुरोहितों के शास्त्रीय ज्ञान को मजबूत करने और पूजा-अनुष्ठानों को विधिवत एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में उपयोगी साबित होगी।