डिब्रूगढ़ में परिवार नियोजन अभियान को मिली नई गति

[वर्ष २०२५-२६ में १,६८४ स्थायी पद्धतियां अपनाईं, ३४४ महिलाओं को अत्याधुनिक गर्भनिरोधक प्रत्यारोपण]

डिब्रूगढ़: परिवार नियोजन को जनमुखी बनाने की दिशा में डिब्रूगढ़ जिला स्वास्थ्य विभाग ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। व्यापक जागरूकता अभियान, घर-घर परामर्श तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के समन्वित प्रयासों से जिले में आधुनिक एवं सुरक्षित परिवार नियोजन पद्धतियों को अपनाने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि हुई है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी तथा जनसंख्या स्थिरीकरण के लक्ष्य के अनुरूप जिले के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में परिवार नियोजन की विभिन्न सेवाएं निःशुल्क, सुरक्षित और गोपनीय रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

वित्तीय वर्ष २०२६-२७ के पहले चार महीनों, जुलाई तक, जिले में ९८८ महिलाओं ने प्रसव के तुरंत बाद प्रसवोत्तर अंतर्गर्भाशयी गर्भनिरोधक उपकरण अपनाया। वहीं १२६ महिलाओं ने गर्भपात के बाद अंतर्गर्भाशयी गर्भनिरोधक उपकरण तथा ३३९ महिलाओं ने अंतर्गर्भाशयी गर्भनिरोधक उपकरण सेवा ग्रहण की।

इस अवधि में ८७१ महिलाओं ने अंतरा गर्भनिरोधक इंजेक्शन अपनाया। इसके अलावा ९६ हजार से अधिक निरोध तथा ४८,६२१ गर्भनिरोधक गोलियां वितरित की गईं।

इसी अवधि में ३२६ महिलाओं का सफल बंध्याकरण ऑपरेशन किया गया, जबकि ४२४ महिलाओं को गर्भावस्था के बारह सप्ताह के भीतर सुरक्षित एवं गोपनीय चिकित्सकीय गर्भसमापन सेवा प्रदान की गई।

वित्तीय वर्ष २०२५-२६ में जिले में स्थायी परिवार नियोजन पद्धति के तहत ५१ पुरुषों की बिना चीरा लगाए नसबंदी, ६०५ महिलाओं का दूरबीन विधि से बंध्याकरण, ९२३ महिलाओं का प्रसवोत्तर मिनीलैप बंध्याकरण तथा १०५ महिलाओं का गर्भपातोत्तर बंध्याकरण किया गया। इस प्रकार कुल १,६८४ स्थायी परिवार नियोजन पद्धतियां अपनाई गईं।

अस्थायी पद्धतियों के तहत ७७१ महिलाओं को अंतराल अंतर्गर्भाशयी गर्भनिरोधक उपकरण तथा ५२१ महिलाओं को प्रसवोत्तर अंतर्गर्भाशयी गर्भनिरोधक उपकरण प्रदान किए गए। वहीं अंतरा गर्भनिरोधक इंजेक्शन की २,३९२ खुराक, १,३०,२२४ संयुक्त गर्भनिरोधक गोलियां, २,३०,६३८ निरोध, ३,०४२ छाया गर्भनिरोधक गोलियां और १,०४५ आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियां वितरित की गईं।

इसके अतिरिक्त ३४४ महिलाओं को त्वचा के नीचे लगाए जाने वाले अत्याधुनिक गर्भनिरोधक प्रत्यारोपण प्रदान किए गए।

जिला स्वास्थ्य विभाग ने परिवार नियोजन को केवल स्वास्थ्य संस्थानों तक सीमित न रखकर इसे आम जनता तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया है। आशा कार्यकर्ताओं, सहायक नर्स दाइयों तथा सामुदायिक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल दल के सदस्यों के माध्यम से घर-घर जाकर परामर्श दिया जा रहा है।

प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में परिवार नियोजन परामर्श केंद्र सक्रिय किए गए हैं। इसके अलावा सामुदायिक जागरूकता सभाओं, बैनर-पोस्टर तथा अन्य सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधियों के माध्यम से लोगों को परिवार नियोजन के विभिन्न विकल्पों की जानकारी दी जा रही है।

दूरस्थ, शहरी तथा दुर्गम क्षेत्रों तक जागरूकता पहुंचाने के लिए जागरूकता एवं सारथी वाहनों के माध्यम से ध्वनि प्रसारण भी किया जा रहा है। नवविवाहित दंपतियों को ‘नई पहल किट’ का वितरण, ऋतुचक्र कैलेंडर का प्रचार, परिवार नियोजन संबंधी निर्णय प्रक्रिया में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सास-बहू सम्मेलन तथा विश्व जनसंख्या दिवस और पुरुष नसबंदी पखवाड़े के आयोजन के माध्यम से लोगों में जागरूकता बढ़ाई जा रही है।

परिवार नियोजन की विभिन्न सेवाओं को अपनाने वाले लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से आर्थिक प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है। महिला बंध्याकरण के लिए २,००० रुपये, पुरुषों की बिना चीरा लगाए नसबंदी तथा प्रसवोत्तर नसबंदी के लिए ३,००० रुपये, प्रसवोत्तर अथवा गर्भपातोत्तर अंतर्गर्भाशयी गर्भनिरोधक उपकरण अपनाने पर ३०० रुपये, अंतराल अंतर्गर्भाशयी गर्भनिरोधक उपकरण के लिए ५०० रुपये तथा अंतरा की प्रत्येक खुराक पर १०० रुपये प्रदान किए जाते हैं।

वित्तीय वर्ष २०२५-२६ में महिला बंध्याकरण सेवा अपनाने वाले लाभार्थियों को कुल ३२ लाख ५ हजार रुपये, प्रसवोत्तर अंतर्गर्भाशयी गर्भनिरोधक उपकरण अपनाने वाले लाभार्थियों को ९ लाख ४१ हजार रुपये तथा पुरुषों की बिना चीरा लगाए नसबंदी अपनाने वाले लाभार्थियों को ९५ हजार रुपये सीधे प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से प्रदान किए गए।

परिवार नियोजन सेवाओं को अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित करने वाले आशा कार्यकर्ताओं एवं अन्य प्रेरकों को भी प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है।

जिला स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों, योजनाबद्ध जागरूकता अभियान और गुणवत्तापूर्ण सेवा वितरण के समन्वय से डिब्रूगढ़ में परिवार नियोजन कार्यक्रम को नई दिशा मिली है। विभाग का उद्देश्य स्वस्थ मां, सुरक्षित बच्चे और नियोजित एवं खुशहाल परिवारों के माध्यम से स्वस्थ और समृद्ध डिब्रूगढ़ का निर्माण करना है।

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