झुंड बनाकर हमला, मारपीट, छिनतई और रंगदारी के आरोप में गिरफ्तार रूपक राय उर्फ बादशा न्यायिक हिरासत में, बोले– “मुझे झूठे मामले में फंसाया गया”

शिलचर, 27 जून: झुंड बनाकर हमला, मारपीट, छिनतई, रंगदारी व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार शिलचर के कालीबाड़ी चर निवासी रूपक राय उर्फ बादशा को शनिवार को अदालत में पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, व्यवसायी प्रणय कुमार दास ने शिलचर सदर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया कि वह अपने सहयोगी रंजीत दास के साथ कुछ दिन पहले अंबिकापट्टी क्षेत्र में एक ग्राहक से बकाया राशि लेने गए थे। इसी दौरान रूपक राय उर्फ बादशा अपने 5-6 साथियों के साथ वहां पहुंचा और दोनों से वहां आने का कारण पूछने लगा।

शिकायत के अनुसार, कुछ देर बाद विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने दोनों व्यवसायियों को घेरकर गाली-गलौज की तथा उनके साथ मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान प्रणय कुमार दास से 23 हजार रुपये और रंजीत दास से 10 हजार रुपये छीन लिए गए। विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि आरोपियों ने स्वयं को बजरंग दल का सदस्य बताकर भय का माहौल बनाया।

पीड़ितों की शिकायत के आधार पर शिलचर सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर रूपक राय उर्फ बादशा को गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच जारी है।

इधर, बजरंग दल ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि रूपक राय को लगभग डेढ़ वर्ष पहले ही संगठन से निष्कासित कर दिया गया था और वर्तमान में उसका संगठन से कोई संबंध नहीं है। संगठन के प्रतिनिधियों ने शिकायतकर्ताओं को कानूनी कार्रवाई करने की सलाह देने के साथ ही पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

बजरंग दल ने यह भी आरोप लगाया कि रूपक राय सोशल मीडिया, विशेषकर फेसबुक पर विभिन्न समुदायों के खिलाफ अक्सर भड़काऊ और विवादास्पद टिप्पणियां करता रहा है। संगठन ने पुलिस से उसकी सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

वहीं, अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज करते हुए रूपक राय उर्फ बादशा ने मीडिया से कहा कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है। उन्होंने दावा किया कि उनका इस घटना से कोई संबंध नहीं है।

फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की सत्यता और आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।

Leave a Comment