चंद्रशेखर ग्वाला बड़खोला, 9 जुलाई: कछार जिले के बड़खोला क्षेत्र में जाटिंगा नदी का लगातार बढ़ता कटाव स्थानीय लोगों के लिए गंभीर संकट का कारण बनता जा रहा है। ताजा घटना बड़खोला प्रथम खंड की है, जहां निवासी जुतिस साव के मकान का एक बड़ा हिस्सा नदी के तेज कटाव की चपेट में आकर नदी में समा गया। इस घटना के बाद परिवार पूरी तरह से सदमे में है और भविष्य को लेकर गहरी चिंता में डूब गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से जाटिंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ नदी का कटाव भी तेज हो गया है। लगातार हो रहे भूमि क्षरण के कारण नदी धीरे-धीरे आबादी वाले क्षेत्र की ओर बढ़ रही है। इसी दौरान जुतिस साओ के मकान का एक हिस्सा अचानक कटाव की चपेट में आ गया और देखते ही देखते नदी में बह गया।
घटना के बाद परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को विवश हो गया है। मकान के शेष हिस्से पर भी कटाव का खतरा मंडरा रहा है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से तत्काल राहत एवं सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि जाटिंगा नदी के कटाव की समस्या नई नहीं है, लेकिन समय रहते स्थायी सुरक्षा उपाय नहीं किए जाने के कारण हर वर्ष कई परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। लोगों ने नदी किनारे मजबूत तटबंध निर्माण तथा कटाव-रोधी कार्य शीघ्र शुरू करने की मांग की है।
पीड़ित जुतिस साव और उनके परिजनों ने असम के मुख्यमंत्री से भावुक अपील करते हुए कहा है कि सरकार उनकी स्थिति पर संवेदनशीलता के साथ ध्यान दे और शीघ्र राहत, आर्थिक सहायता तथा स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था करे। उनका कहना है कि वर्षों की मेहनत से बनाया गया आशियाना नदी की भेंट चढ़ गया है और अब उनके सामने जीवन-यापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।