जल जीवन मिशन के तहत ‘शुद्ध पेयजल’ की जगह निकल रहा ‘दूध-चाय’ जैसा पानी, ग्रामीणों में रोष
शिलचर, 12 जून: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन (JJM) योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लेकिन कछार जिले के बरखला विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जारइलतला गांव के निवासियों ने योजना के तहत आपूर्ति किए जा रहे पानी की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रतिदिन सुबह पाइपलाइन के माध्यम से घरों तक पहुंचने वाला पानी पीले रंग का, मटमैला तथा कीचड़युक्त होता है, जो देखने में किसी “दूध-चाय” जैसा प्रतीत होता है। उनका कहना है कि इस पानी का उपयोग पीने के लिए तो दूर, दैनिक घरेलू कार्यों में भी करना मुश्किल हो गया है।
स्थानीय लोगों का अनुमान है कि कहीं पाइपलाइन में दरार या क्षति होने के कारण मिट्टी और अन्य अशुद्ध पदार्थ जल आपूर्ति में मिल रहे हैं। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। लेकिन ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराए गए वीडियो में नलों से पीले और गंदले पानी के निकलने के दृश्य स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं।
इस घटना को लेकर गांव में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय तक ऐसे दूषित पानी का उपयोग स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। उन्होंने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी (PHE) विभाग तथा संबंधित प्रशासन से तत्काल मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, “जब शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह परियोजना शुरू की गई है, तब यदि हमें कीचड़युक्त और दूषित पानी ही मिले, तो इस योजना का लाभ आखिर कहां है?”
अब लोगों की निगाहें प्रशासन की ओर टिकी हैं। देखना यह होगा कि स्थानीय निवासियों की शिकायतों पर संबंधित विभाग कितनी शीघ्रता से कार्रवाई करता है और जारइलतला गांव के लोगों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की सुविधा कब तक उपलब्ध हो पाती है।