जगन्नाथ मंदिर की जर्जर छत से टपक रहा बारिश का पानी, ग्रामीणों ने निधि शीघ्र जारी करने की लगाई गुहार
बड़खोला, 1 जून। बड़खोला विधानसभा क्षेत्र के भुवनेश्वर नगर ग्राम पंचायत अंतर्गत बिहारा तृतीय खंड के छयारन बस्ती स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर की छत क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों में गहरी चिंता व्याप्त है। मंदिर की छत का ढलाई वाला हिस्सा टूट जाने के कारण वर्षा का पानी सीधे गर्भगृह एवं भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा के आसन तक पहुंच रहा है, जिससे धार्मिक आस्था के केंद्र इस मंदिर की स्थिति दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है।
ग्रामीणों एवं मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार, मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए शिलचर के सांसद श्री परिमल शुक्लबैद्य से सहायता की मांग की गई थी। इस पर सांसद ने वर्ष 2025 में मंदिर के विकास एवं मरम्मत कार्य के लिए 5 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की थी। किंतु खेदजनक रूप से अब तक उक्त राशि गांव या मंदिर समिति को प्राप्त नहीं हुई है, जिसके कारण आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो सका है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से स्वीकृत निधि को शीघ्र जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि आगामी रथयात्रा महोत्सव को देखते हुए यदि मंदिर की मरम्मत का कार्य समय रहते पूरा हो जाए तो श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले सकेंगे और गांव में उत्सव का माहौल और भी भव्य हो जाएगा।
वर्तमान स्थिति इतनी गंभीर है कि भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा को सुरक्षित रखने के लिए मंदिर के रसोईघर का अस्थायी रूप से उपयोग किया जा रहा है। इससे मंदिर की जर्जर छत की तत्काल मरम्मत की आवश्यकता और भी बढ़ गई है।
इस अवसर पर ग्रामीणों ने क्षेत्र के प्राचीन शीतला माता मंदिर तथा भैरव बाबा मंदिर के जीर्णोद्धार की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि दोनों मंदिर काफी पुराने हो चुके हैं और समय रहते इनके संरक्षण एवं मरम्मत की व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में सुरक्षा संबंधी खतरे उत्पन्न होने के साथ-साथ धार्मिक आयोजनों के संचालन में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से सभी लंबित विकास एवं संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की अपील की है, ताकि क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखा जा सके।