गुवाहाटी। असम सरकार द्वारा घोषित ‘ग्रंथवर्ष-2025’ के तहत असम प्रकाशन परिषद की महत्वाकांक्षी योजना ‘ग्रंथवर्ष-2025 फेलोशिप’ के लिए चयनित लेखकों की सूची जारी कर दी गई है। प्रतिष्ठित साहित्यकार, शब्दकोशकार एवं असम प्रकाशन परिषद के सह-अध्यक्ष सुमंत चलिहा की अध्यक्षता में गठित 10 सदस्यीय चयन समिति ने लंबी और विस्तृत चयन प्रक्रिया के बाद फेलोशिप प्राप्तकर्ताओं के नामों को अंतिम रूप दिया।
इस फेलोशिप के लिए असमिया, बांग्ला, बोडो तथा असम की अन्य भाषाओं के लेखकों से पांडुलिपियां आमंत्रित की गई थीं। विभिन्न विषयों पर कुल 512 लेखकों ने 547 पांडुलिपियां जमा की थीं। गहन मूल्यांकन के बाद इस वर्ष 49 पांडुलिपियों का चयन किया गया, जिनमें 7 बांग्ला, 3 बोडो और शेष असमिया भाषा की हैं।
बांग्ला भाषा में चयनित पांडुलिपियां
- देवयानी चौधरी – “बराक उपत्यका की विरासत का इतिहास”
- सुदेष्णा चंद – “फेले आसा दिनगुली” (मूल असमिया: नलिनीबाला देवी)
- शिशिर सेनगुप्ता – “स्वतंत्रता संग्राम में असम के वीर-वीरांगनाएं”
- शाश्वती घोष दस्तीदार – “दंदुआ द्रोह” (मूल असमिया: रजनीकांत बरदलई)
- निवेदिता चक्रवर्ती – “राजमोहन नाथ के हास्य-व्यंग्य कथाएं” (मूल: पीताम्बर राजमेधी उर्फ राजमोहन नाथ)
- निकिता साहा – “प्राचीन कामरूप की धार्मिक परंपराएं” (मूल असमिया: डॉ. बाणीकांत काकती)
- डॉ. श्यामाश्याम कृष्णपूजारी चट्टोपाध्याय – “चॉम्स्की व्याकरण : सिद्धांत एवं विश्लेषण”
फेलोशिप के लिए चयनित सभी 49 लेखकों को 50 हजार रुपये की सम्मान राशि तथा प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाएगा।
चयन समिति
फेलोशिप के लिए गठित चयन समिति में सुमंत चलिहा (अध्यक्ष), अनुराधा शर्मा पूजारी, डॉ. सत्यकाम बरठाकुर, डॉ. सैदुल इस्लाम, डॉ. अदिति बेजबरुआ, कामेश्वर बड़ो, डॉ. प्रशांत चक्रवर्ती, डॉ. विभा भराली, डॉ. लिपिका तालुकदार तथा अच्युत कुमार पाटोवारी सदस्य के रूप में शामिल थे।