गुरुचरण विश्वविद्यालय में 16वाँ राष्ट्रीय मतदाता दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया
शिलचर, 25 जनवरी: गुरुचरण विश्वविद्यालय के इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के तत्वावधान में शनिवार को विश्वविद्यालय के सभाकक्ष में 16वाँ राष्ट्रीय मतदाता दिवस गरिमामय वातावरण में मनाया गया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक रजिस्ट्रार डॉ. अभिजीत नाथ, डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर (DSW) डॉ. जयदीप पाल, आईक्यूएसी के निदेशक डॉ. कृष्णचंद्र दास, इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब की समन्वयक डॉ. स्वरूपा भट्टाचार्य तथा सह-समन्वयक डॉ. वी. पुलामते प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। स्वागत भाषण में डॉ. स्वरूपा भट्टाचार्य ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना 25 जनवरी 1950 को हुई थी और उसी ऐतिहासिक दिन की स्मृति में वर्ष 2011 से प्रत्येक वर्ष 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष का विषय “मेरा भारत, मेरा वोट” रहा।
अपने संबोधन में शैक्षणिक रजिस्ट्रार डॉ. अभिजीत नाथ ने कहा कि प्रत्येक मत अमूल्य है और लोकतंत्र में एक भी वोट का अत्यधिक महत्व होता है। उन्होंने कहा कि किसी को भी यह नहीं सोचना चाहिए कि उसके एक वोट का कोई मूल्य नहीं है। मतदान प्रत्येक नागरिक का अधिकार ही नहीं, बल्कि कर्तव्य भी है, क्योंकि मतदान के माध्यम से ही लोकतंत्र में समान विचार और सहभागिता सुनिश्चित होती है।
आईक्यूएसी के निदेशक डॉ. कृष्णचंद्र दास ने कहा कि आज के विद्यार्थी भविष्य में लोकतंत्र के मजबूत स्तंभ बनेंगे, इसलिए उन्हें मतदान के प्रति जागरूक और जिम्मेदार होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी मतदाता को कोई भी प्रत्याशी उपयुक्त न लगे, तो वह NOTA (इनमें से कोई नहीं) के माध्यम से अपनी असहमति दर्ज करा सकता है।
डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. जयदीप पाल ने अपने वक्तव्य में कहा कि नए मतदाता मतदान के माध्यम से राजनीतिक परिपक्वता प्राप्त करेंगे, जिससे एक सशक्त, सुंदर और विकसित भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।
कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं में राजनीति विज्ञान विभाग के छात्र तुषार देव, लुबाब अहमद खान तथा इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के कैंपस एम्बेसडर देवोपम रॉय शामिल थे।
कार्यक्रम के अंत में छात्रों को अंग्रेज़ी में शपथ देवोपम रॉय द्वारा तथा बांग्ला में शपथ डॉ. स्वरूपा भट्टाचार्य द्वारा दिलाई गई।
धन्यवाद ज्ञापन अध्यापिका दीपान्विता पुरकायस्थ ने किया।
राष्ट्रीय गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। पूरे कार्यक्रम का संचालन डॉ. अभिजीत नाथ ने किया।