अनिल मिश्र/पटना
बिहार प्रदेश के धार्मिक, अध्यात्मिक, पौराणिक एवं ऐतिहासिक नगरी गया जी के शहर के बीचों-बीच एपी काॅलोनी में स्थित राजकीय अतिथिशाला (सर्किट हाउस)में आज बुधवार की दोपहर अचानक उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया, जब सर्किट हाउस के प्रथम तल पर स्थित कमरा नंबर तीन में एसी ब्लास्ट होने के बाद आग लग गई। इस बीच देखते ही देखते कमरे से आग की लपटें उठने लगीं। दरअसल अचानक हुई इस घटना से सर्किट हाउस में मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों के बीच हड़कंप मच गया। आग लगने की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम को मौके पर बुलाया गया। इस घटना में सबसे चिंताजनक बात यह थी कि आग से प्रभावित कमरा नंबर तीन के ठीक बगल में कमरा नंबर दो स्थित है। इसी कमरे में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के डायरेक्टर मनोज कुमार अपनी पत्नी के साथ ठहरे हुए थे। आग लगने के बाद कुछ देर के लिए स्थिति काफी संवेदनशील हो गई थी। कमरे के आसपास धुआं और आग फैलने की आशंका को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की गई। इस बीच मौके पर पहुंची अग्निशमन विभाग की टीम ने मनोज कुमार और उनकी पत्नी को सुरक्षित कमरे से बाहर निकाला और उन्हें नीचे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में दोनों को किसी तरह की चोट नहीं आई।इस संबंध में बताया जा रहा है कि सर्किट हाउस का कमरा नंबर तीन वीवीआईपी अतिथियों के ठहरने के लिए निर्धारित है। दरअसल विदेश मंत्रालय के डायरेक्टर मनोज कुमार के लिए भी इसी कमरे का आवंटन किया गया था। लेकिन उन्होंने कमरा नंबर तीन में ठहरने के बजाय कमरा नंबर दो को चुना। इसके बाद वह अपनी पत्नी के साथ कमरा नंबर दो में ही ठहर गए। इसी बीच दोपहर में बगल के कमरा नंबर तीन में एसी ब्लास्ट होने से आग लग गई। अगर मनोज कुमार उसी कमरे में ठहरे होते, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। हालांकि, समय रहते अग्निशमन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें और उनकी पत्नी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस बीच विदेश मंत्रालय के डायरेक्टर मनोज कुमार ने पत्रकारों को बताया कि उन्हें सर्किट हाउस में कमरा नंबर तीन आवंटित किया गया था, लेकिन उन्होंने उस कमरे में ठहरने के बजाय कमरा नंबर दो का चयन किया था। बाद में कमरा नंबर तीन में एसी ब्लास्ट होने से आग लग गई। इस बीच उन्होंने इसे ऊपर वाले की कृपा बताया और कहा कि इस घटना में उन्हें और उनके परिवार को कोई नुकसान नहीं हुआ। उनकी बातों से साफ था कि जिस कमरे में उन्हें ठहरना था, उससे दूसरे कमरे का चयन करना उनके लिए राहत की बड़ी वजह बना। इधर, घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम ने मोर्चा संभाला और आग बुझाने का काम शुरू किया। टीम की तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया। अग्निशमन विभाग के जिला सहायक पदाधिकारी नवीन कुमार ने बताया कि सर्किट हाउस के कमरा नंबर तीन में एसी ब्लास्ट होने के कारण आग लगी थी। अग्निशमन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया। उन्होंने बताया कि इस घटना में किसी तरह की क्षति नहीं हुई है। राहत की बात यह रही कि आग बगल के कमरे में मौजूद विदेश मंत्रालय के डायरेक्टर और उनकी पत्नी तक नहीं पहुंची और दोनों सुरक्षित बच गए अग्निशमन विभाग वीओ-पांच – घटना की जानकारी मिलने के बाद बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार भी गया सर्किट हाउस पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली और जिला प्रशासन से घटना की जांच कराने की मांग की। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि सर्किट हाउस में कई प्रकार के यंत्र और सुविधाएं लगी हुई हैं। ऐसे में जरूरी है कि सभी उपकरणों की एक बार फिर से जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों से पूरे परिसर में लगे उपकरणों की स्थिति की समीक्षा करने की आवश्यकता जताई। गौरतलब है कि सर्किट हाउस में कई महत्वपूर्ण सरकारी अधिकारी और वीवीआईपी अतिथि ठहरते हैं। ऐसे में यहां की सुरक्षा व्यवस्था और विद्युत उपकरणों का दुरुस्त रहना बेहद जरूरी है। एसी ब्लास्ट होने से लगी इस आग ने सर्किट हाउस में लगे उपकरणों की सुरक्षा और नियमित जांच को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, समय पर अग्निशमन विभाग की टीम के पहुंचने और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। अब विधानसभा अध्यक्ष की मांग के बाद जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा उपकरणों और अन्य व्यवस्थाओं की जांच को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी। आउट्रो – फिलहाल गया सर्किट हाउस में एसी ब्लास्ट से लगी आग पर काबू पा लिया गया है। विदेश मंत्रालय के डायरेक्टर मनोज कुमार और उनकी पत्नी सुरक्षित हैं।