कांग्रेस भारत की शाश्वत दुश्मन है: सर्बानंद सोनोवाल

डिब्रूगढ़: केंद्रीय मंत्रिमंडल के मंत्री और असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुरुवार को कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए उस पर लोकतंत्र को कमजोर करने और भारत की संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की डिब्रूगढ़ जिला समिति द्वारा आयोजित एक विशाल जनजागरूकता रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस को “भारत की शाश्वत दुश्मन” और “लोकतंत्र की हत्यारी” करार दिया।

यह रैली मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस और विपक्षी इंडिया गठबंधन के दलों द्वारा कथित तौर पर की जा रही राष्ट्रविरोधी गतिविधियों और राजनीतिक साजिशों का मुकाबला करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। आयोजकों के अनुसार, रैली में समाज के विभिन्न वर्गों के पंद्रह हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।

डिब्रूगढ़ लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले सोनोवाल के नेतृत्व में निकाली गई इस रैली में चुनावी सुधारों, लोकतांत्रिक संस्थाओं और राष्ट्रीय हितों से संबंधित भाजपा के विचारों को उजागर करने वाले नारे लगाए गए।

सभा को संबोधित करते हुए सोनोवाल ने कहा कि रैली में उमड़ी भारी भीड़ देश के लोकतंत्र को मजबूत करने और उन ताकतों का विरोध करने के प्रति लोगों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो उनके अनुसार देश के संवैधानिक ढांचे को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी कांग्रेस सत्ता से बाहर होती है, तो वह बेचैन हो जाती है और इसके बाद राष्ट्रीय हितों के प्रतिकूल गतिविधियों में शामिल हो जाती है। उन्होंने विपक्षी इंडिया गठबंधन पर स्वतंत्र संवैधानिक संस्थाओं और न्यायपालिका की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने न्यायपालिका को लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया।

एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विरोध पर सवाल उठाते हुए सोनोवाल ने उन्हें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा देने और कर्नाटक तथा हिमाचल प्रदेश में चुनाव जीतकर दिखाने की चुनौती दी।

सोनोवाल ने केरल सरकार के इस्तीफे की भी मांग की और इस राजनीतिक विवाद के बीच उसकी नैतिक जवाबदेही पर सवाल उठाए।

असम भाजपा तेरह अक्टूबर से राज्यभर में जनजागरूकता रैलियां आयोजित कर रही है। पार्टी का उद्देश्य निर्वाचन आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के दलों द्वारा कथित तौर पर फैलाए जा रहे दुष्प्रचार और राजनीतिक भ्रम का मुकाबला करना है।

डिब्रूगढ़ में आयोजित इस रैली का नेतृत्व भाजपा के असम प्रदेश महासचिव ऋतुपर्ण बरुआ ने किया। राज्य के कैबिनेट मंत्री बिमल बोरा, रमेश्वर तेली, वरिष्ठ विधायक प्रशांत फूकन और चक्रधर गोगोई सहित पार्टी के कई अन्य नेता और जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम में पूर्व विधायक एवं राज्यसभा सांसद टेरस गोवाला, विधायक बिनोद हजारिका, डिब्रूगढ़ जिला परिषद की अध्यक्ष पुष्पांजलि सोनोवाल, डिब्रूगढ़ विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष अशिम हजारिका, मटक स्वायत्त परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य डेविड चेतिया और कचारी स्वायत्त परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य टंकेश्वर सोनोवाल भी उपस्थित थे।

भाजपा असम प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा के अध्यक्ष सुभाष दत्ता, जिला अध्यक्ष दुलाल बोरा तथा जिला महासचिव सुशील टासा और भुवन दत्ता भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

यह रैली चुनावी पुनरीक्षण प्रक्रिया के समर्थन में जनसमर्थन जुटाने और इस प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देने के लिए भाजपा द्वारा चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा थी।

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