कवि-संवाददाता विजयकुमार भट्टाचार्य की दूसरी पुण्यतिथि पर कार्यक्रम

पत्रकार राजू दास को ‘विजयकुमार भट्टाचार्य स्मारक पत्रकारिता पुरस्कार’

शिलचर, 29 सितंबर: लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करना उचित नहीं है। चुनाव में जनता के मतों का निष्पक्ष और वास्तविक प्रतिबिंब दिखाई देना चाहिए। यदि चुनाव प्रक्रिया किसी भी स्तर पर दिखावा बन जाए, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। शिलचर नगर निगम चुनाव में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना आवश्यक है।

रविवार को कवि-संवाददाता विजयकुमार भट्टाचार्य की दूसरी पुण्यतिथि के अवसर पर शिलचर प्रेस क्लब और बराक नागरिक संसद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित श्रद्धांजलि एवं स्मृति कार्यक्रम में वक्ताओं ने उक्त विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम में श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ स्मृतिचर्चा, परिचर्चा तथा ‘विजयकुमार भट्टाचार्य स्मारक पत्रकारिता पुरस्कार’ प्रदान किया गया। पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए इस वर्ष पत्रकार राजू दास को उक्त सम्मान प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में ‘शिलचर नगर निगम चुनाव और जनता की अपेक्षाएं’ विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। वक्ताओं ने कहा कि नगर निगम चुनाव को लेकर विभिन्न स्तरों पर सवाल और विवाद सामने आए हैं। कुछ उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता को लेकर उठे सवाल तथा कुछ उम्मीदवारों के कथित अनैतिक आचरण को लेकर भी चर्चा हुई। इसके अलावा सत्तारूढ़ दल और विपक्ष की भूमिका तथा चुनाव को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के दृष्टिकोण पर भी विचार-विमर्श किया गया।

वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनाव प्रक्रिया का निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है। मतदाताओं को बिना किसी दबाव या प्रलोभन के स्वतंत्र रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर मिलना चाहिए।

परिचर्चा में प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष रितेन भट्टाचार्य, महासचिव शंकर दे, विशिष्ट नागरिक मुजीबुर रहमान बरभुइयां, समाजसेवी एवं राजनीतिक नेता रंजीत देवनाथ, पत्रकार निखिल दास, विजय भट्टाचार्य की पुत्री एवं शिक्षिका शिल्पी भट्टाचार्य, उनकी नातिन एवं कॉलेज छात्रा सृष्टि भट्टाचार्य, प्रोफेसर नवेंदु बनिक, बीयूसीएल के मुख्य संयोजक कल्पार्णव गुप्त, समाजसेवी सुदर्शन चौधरी, शांतनु दास, बहार अहमद चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोगों ने अपने विचार रखे।

कार्यक्रम में विजयकुमार भट्टाचार्य के साहित्यिक एवं पत्रकारिता क्षेत्र में योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों और सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया।

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