कैंसर से पीड़ित होने के बावजूद निभाती रहीं शिक्षण और चुनावी जिम्मेदारियां, 35 वर्ष की उम्र में निधन से क्षेत्र में शोक
गौतम सरकार, रामकृष्णनगर, 22 अक्टूबर। असमय किसी के दुनिया से चले जाने का दुख सभी को होता है। रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र की कर्मठ शिक्षिका संगीता नाथ इसका उदाहरण थीं, जिन्होंने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझने के बावजूद स्कूल में पढ़ाना और अपनी जिम्मेदारियां निभाना जारी रखा। गुरुवार सुबह साढ़े दस बजे दुल्लभछड़ा के निकट अपने पैतृक आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। वह मात्र 35 वर्ष की थीं।
संगीता नाथ फनाई बागान हरिजन एलपी स्कूल में सहायक शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। बीमारी के दौरान भी उन्होंने शिक्षण कार्य के साथ-साथ चुनावी दायित्वों का निर्वहन किया। उपचार जारी रहने के बावजूद कर्तव्य के प्रति उनका समर्पण और मजबूत मनोबल सभी के लिए प्रेरणादायक था।
इस वर्ष शिक्षक दिवस पर उन्हें सम्मानित किया गया था। इसके अलावा, दुर्गा पूजा की षष्ठी तिथि को दुल्लभछड़ा के एक क्लब के पूजा पंडाल में भी उन्हें सम्मानित किया गया था। उस समय वह सभी के साथ हंसती-मुस्कुराती हुई समारोह में शामिल हुई थीं। लेकिन इसके महज चार दिन बाद उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
रामकृष्णनगर के विधायक विजय मालाकार, रामकृष्णनगर ब्लॉक के शिक्षक संगठन के सदस्यों, क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों और उनके शुभचिंतकों ने शिक्षिका के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। संगीता नाथ का असमय निधन शिक्षा जगत और पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।