कछार में फर्जी स्वास्थ्य शिविर की आड़ में रेलवे नौकरी का झांसा, दो गिरफ्तारशिलचर में पुलिस की कार्रवाई; नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से 35 से 40 हजार रुपये लेने का आरोप

शिलचर, 10 अगस्त। कछार जिले के तारापुर में नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर की आड़ में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी का मामला सामने आया है। शिलचर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार, ‘भारतीय रेलवे मालगोदाम श्रमिक संघ’ के बैनर तले तारापुर स्थित एक विवाह भवन में 8 और 9 अगस्त को स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया था। आरोप है कि शिविर के दौरान रेलवे में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर नौकरी के इच्छुक युवाओं से प्रति व्यक्ति 35 से 40 हजार रुपये तक लिए गए।

पुलिस ने इस मामले में संघ की शालचापड़ा गोदाम शाखा के अध्यक्ष अभिजीत दे और पदाधिकारी देवतोष भट्टाचार्य को गिरफ्तार किया है। दोनों को अदालत में पेश किया गया।

पुलिस के अनुसार, अस्थायी श्रमिकों को रेलवे के अधीन स्थायी नौकरी दिलाने का लालच दिया जा रहा था। कथित तौर पर भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा बताकर अभ्यर्थियों की स्वास्थ्य जांच कराने के लिए चिकित्सकों को भी शिविर में बुलाया गया था।

बताया गया है कि कछार के संयुक्त स्वास्थ्य निदेशक कार्यालय में भी नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के नाम पर आवेदन किया गया था। हालांकि, शिविर की आड़ में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित आर्थिक लेन-देन किए जाने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को नहीं थी।

जांच के दौरान इस मामले के कथित मुख्य सूत्रधार के रूप में गुवाहाटी के नूनमाटी निवासी धनकुमार डेका का नाम सामने आया है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

वहीं, शिविर के आयोजन को पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के सहयोग से आयोजित किए जाने का प्रचार किया गया था। हालांकि, पुलिस सूत्रों के अनुसार रेलवे अधिकारियों को इस तरह के किसी आयोजन की जानकारी नहीं थी।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित नौकरी ठगी के जाल में कितने लोग फंसे हैं और इसके पीछे कितने अन्य लोग शामिल हैं। मामले की जांच जारी है तथा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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