उधारबंद की केडी इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री में भीषण विस्फोट, चार श्रमिकों की मौत

मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 5-5 लाख रुपये की सहायता; मंत्री कौशिक राय ने तीन स्तरों पर जांच की घोषणा की

निहार कांति राय उधारबंद, 26 जुलाई। कछार जिले के उधारबंद विधानसभा क्षेत्र के पानग्राम ग्राम पंचायत अंतर्गत केडी इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री में रविवार सुबह करीब 11 बजे हुए भीषण विस्फोट में चार श्रमिकों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान किरण मुंडा (45), पिता जगत मुंडा, निवासी पानग्राम तृतीय खंड; अप्पू बड़ााइक (38), पिता रतन बड़ााइक, निवासी चंडीघाट मुड़ा बस्ती; श्यामल गोर (40), पिता गनकलाल गोर, निवासी डुमुरघाट तथा ट्रक चालक देवानंद नाथ उर्फ सागर (42), निवासी अगरतला, त्रिपुरा के रूप में हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इंडस्ट्री में श्रमिक गैस कटर से लोहे की प्लेट काट रहे थे। इसी दौरान अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पूरा क्षेत्र कुछ समय के लिए धुएं और अंधेरे से भर गया। हादसे में श्रमिकों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत होकर आसपास बिखर गए। विस्फोट की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा।

घटना की सूचना मिलते ही पानग्राम ग्राम पंचायत के उपाध्यक्ष शमसुल हक लस्कर घटनास्थल पर पहुंचे और उधारबंद थाने को जानकारी दी। सूचना मिलते ही उधारबंद थाना प्रभारी चिरंजीव कुमार बोरा पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। हादसे की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों और मृतकों के परिजनों की भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गई और माहौल शोकाकुल हो गया।

मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने मुआवजे की घोषणा होने तक शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने का विरोध किया, जिससे कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना मिलने पर कछार के पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार शइकिया, डीएसपी हेडक्वार्टर महेंद्र बोरा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध शाखा) रजत पाल, अतिरिक्त जिलाधिकारी रक्तिम बरुआ, राज्य के खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री कौशिक राय तथा उधारबंद के पूर्व विधायक मिहिर कांति सोम घटनास्थल पर पहुंचे।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद इंडस्ट्री के मैनेजर आमिर चांद जहांगीर से घटना के संबंध में जानकारी ली।

बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री कौशिक राय ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा, कछार जिले के प्रभारी मंत्री कृष्णेंदु पाल और विधायक राजदीप गोआला से बातचीत हुई है। मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

मंत्री ने बताया कि दुर्घटना की तीन स्तरों पर जांच होगी। उधारबंद थाने के प्रभारी अधिकारी द्वारा प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। जिलाधिकारी रंजन गुप्ता के नेतृत्व में मजिस्ट्रेट स्तर की जांच होगी। इसके अलावा इंडस्ट्री में श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए श्रम विभाग के सहायक आयुक्त राणा इंगती के नेतृत्व में अलग से जांच की जाएगी।

मंत्री कौशिक राय ने कहा कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए उचित और निष्पक्ष जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि विधायक राजदीप गोआला सोमवार को मृतकों के परिवारों से मिलने उधारबंद पहुंचेंगे।

मंत्री के आश्वासन के बाद स्थानीय लोगों ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजने पर सहमति जताई।

घटनास्थल पर विधायक के प्रतिनिधि प्रणव आचार्य, भाजपा ओबीसी मोर्चा के मंडल अध्यक्ष दीपक गोआला, काशिपुर मंडल अध्यक्ष सुजीत गोआला, जिला आपदा प्रबंधन बल के फील्ड ऑफिसर करनजीत धर, सर्किल ऑफिसर प्राणबानंद दोआरा, पानग्राम क्षेत्रीय पंचायत सदस्य अभिजीत आचार्य, उधारबंद जिला परिषद सदस्य रोहित सिंह सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद थे।

पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इंडस्ट्री परिसर में पुलिस सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

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