नईम हुसैन बरभुइयां, उदरबंद, 9 अगस्त: बराक घाटी जनजातीय समाज ने उदरबंद में विश्व जनजातीय दिवस को पूरे सम्मान के साथ मनाया। कार्यक्रम का शुभारंभ रविवार को उदरबंद ब्लॉक सभागार में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। सभा के अध्यक्ष मेघनाथ मुंडा, सुरेश बराइक, उदित चौबे, शिलास मुंडा, शनिचरा संताल और अन्य ने दीप प्रज्वलित किया। बाद में अतिथियों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर आयोजित चर्चा बैठक में उदरबंद विधायक राजदीप गोआला ने शिक्षा पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज शिक्षा के माध्यम से ही आगे बढ़ता है और शिक्षा का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार जनजातीय समुदाय के बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए विभिन्न कदम उठा रही है। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा के नेतृत्व में जनजातीय समुदाय के विकास के लिए कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। हाल ही में ‘न्युत मोइना’ और ‘न्युत बाबू’ परियोजनाओं के लिए आवेदन पत्रों का वितरण आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान करना है। उन्होंने आगे कहा कि उदरबंद विधानसभा क्षेत्र के नगर, इटाछारा और हातिछारा सहित आदिवासी बहुल क्षेत्रों में आदर्श हाई स्कूल बनाए गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य सरकार आदिवासी समुदाय की शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन व्यवस्था के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राजदीप गोआला ने कहा कि आदिवासी लोगों की सभ्यता, संस्कृति और इतिहास हम सभी की धरोहर है। इस विरासत की रक्षा करना हम सभी का दायित्व और कर्तव्य है। उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासी समुदाय अपनी विरासत और संस्कृति को संरक्षित रखने के लिए जो प्रयास कर रहा है, वे सराहनीय हैं। इस अवसर पर विधायक राजदीप गोआला ने आदिवासी समुदाय के प्रमुख लोगों से उदरबंद विधानसभा क्षेत्र में बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थान का निर्धारण करने का आह्वान किया। इस चर्चा बैठक में बोलने वालों में श्रम नेता सुरेश बराइक, बराक घाटी गौर के गौतम सिंह गौर के सलाहकार, शिक्षाविद रामलाल गढ़, बराक चाय श्रमिक संघ के सह-सचिव बिपुल कुर्मी, कार्यकर्ता दुर्गेश कुर्मी, बराक घाटी कर्म पूजा समिति के अध्यक्ष विशुद्धानंद महतो, आदिवासी दिवस समारोह समिति के अध्यक्ष मेघनाथ मुंडा, कछार जिला कुरुम उरंग समिति के अध्यक्ष बिरसा उरंग, अखिल असम आदिवासी छात्र संघ के कछार जिला अध्यक्ष शिलास मुंडा और अखिल असम संथाल समिति के मंडल अध्यक्ष शनिचरा संथाल आदि शामिल थे।