कलश स्थापना, नवपत्रिका पूजन, संधि पूजा से लेकर विसर्जन तक की बारीकियों पर हुई विस्तृत चर्चा।
पूजा पद्धति में एकरूपता लाने और युवाओं को सनातन कर्मकांड से जोड़ने पर दिया गया विशेष बल।
रामकृष्णनगर, 28 सितंबर: रविबार सुबह 10 बजे से
असम हिंदीभाषी ब्राह्मण महासभा की रामकृष्णनगर शाखा समिति के तत्वावधान में स्थानीय 754 नंबर लालचेरा एल.पी. स्कूल के कम्युनिटी हॉल प्रांगण में एक दिवसीय ‘दुर्गापूजा विधि कार्यशाला’ का अत्यंत भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। आगामी शारदीय नवरात्रि एवं दुर्गापूजा को पूर्णतः शुद्ध शास्त्रीय व वैदिक विधि-विधान से संपन्न कराने, पूजा पद्धति में एकरूपता लाने तथा नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध सनातन परंपराओं से अवगत कराने के पावन उद्देश्य से इस विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया था।
कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ मां भगवती के स्मरण, दीप प्रज्वलन एवं सस्वर वैदिक मंगलाचरण के साथ हुआ। कार्यक्रम के प्रथम चरण में समाज के वरिष्ठ विद्वानों एवं प्रबुद्ध जनों ने दुर्गापूजा के आध्यात्मिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर अपने-अपने सारगर्भित वक्तव्य रखे। वक्ताओं ने कहा कि ब्राह्मण समाज का दायित्व केवल पूजा संपन्न कराना ही नहीं, अपितु समाज को धर्म, संस्कार और सकारात्मकता की सही दिशा दिखाना भी है।
इसके पश्चात कार्यशाला के मुख्य सत्र में पूजा के संपूर्ण विधान और उसकी शास्त्रीय विधियों पर गहन मंथन किया गया। विद्वानों ने कलश स्थापना और संकल्प से शुरुआत कर बिल्वाभिमंत्रण (बोधन), नवपत्रिका प्रवेश,महासप्तमी पूजन, महाअष्टमी पूजन, संधि पूजा के विशेष मुहूर्त व विधान, महानवमी पूजन तथा हवन और दशमी के दिन अपराजिता पूजन से लेकर प्रतिमा विसर्जन तक की संपूर्ण प्रक्रिया पर क्रमवार प्रकाश डाला। इस दौरान शुद्ध मंत्रोच्चारण, पूजा की मुद्राओं और शास्त्रीय नियमों की बारीकियों को विस्तार से समझाया गया। पूजा के विधानों को लेकर विप्र जनों के मन में जो भी संशय या प्रश्न थे, उन सभी पर खुलकर चर्चा हुई और सर्वसम्मति से उनका शास्त्रसम्मत समाधान निकाला गया।
कार्यशाला की एक विशेष उपलब्धि युवाओं की सक्रिय भागीदारी रही। वरिष्ठ आचार्यों ने युवा पीढ़ी का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें वैदिक कर्मकांड की शुद्धता और गरिमा बनाए रखने के लिए प्रेरित किया, ताकि हमारी प्राचीन धरोहर आने वाली पीढ़ियों तक अपने मूल रूप में सुरक्षित पहुंच सके।
इस गरिमामयी कार्यशाला में संस्था के सभापति नरबदेश्वर दुबे, महासचिव मनीष उपाध्याय, उपाध्यक्ष राजेश मिश्रा एवं चन्दन त्रिपाठी जी, सांस्कृतिक सचिव अखिलेश पाण्डेय, वरिष्ठ सदस्य केशव दीक्षित, ओमकार तिवारी, ध्रुवकुमार उपाध्याय, प्रेमनाथ द्विवेदी एवं दिलीप कुमार द्विवेदी के साथ-साथ रामकृष्णनगर शाखा समिति से सुरेश तिवारी, संजय मिश्रा, आशुतोष मिश्रा, राधा पाण्डेय और रंजन तिवारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे तथा अपने अनुभवों व सक्रिय सहभागिता से इस आयोजन को सफल बनाया।
इस अवसर पर क्षेत्र के समस्त ब्राह्मण समाज और ऊर्जावान युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अंत में उपस्थित सभी विप्र जनों एवं युवाओं के प्रति आभार प्रदर्शन तथा विश्व कल्याण की कामना से किए गए ‘शांति पाठ’ के साथ यह ज्ञानवर्धक कार्यशाला संपन्न हुई।