दिनांक 08.09.2023 को असम विश्वविद्यालय, शिलचर में हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर माननीय कुलपति, असम विश्वविद्यालय ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि “हिंदी एक सरल भाषा है, इसमें कार्य करना आसान है, बस मानसिकता बदलने की जरूरत है। उन्होंने कर्मचारियों से निवेदन किया कि “हमें हिंदी में कार्य संस्कृति को बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए”। आगे उन्होंने संस्कृत गांव का जिक्र करते हुए कहा कि बराक घाटी में आनीपुर और पटियाला दो गांव बांग्ला भाषी है, जिसमें संस्कृत में ही लोग आपसी संवाद करते हैं। इससे हमें प्रेरणा लेकर हिंदी के विकास में हर संभव प्रयास करना चाहिए। उन्होंने राजभाषा प्रकोष्ठ के सराहनीय कार्यों की प्रसंशा की। इस अवसर पर कुलसचिव, डॉ. प्रदोष किरण नाथ ने कहा कि इस प्रकार के कार्यशाला के आयोजन से हमें टिप्पणी और मसौदा लेखन में मदद मिलती है। मेरा कर्मचारियों से यही निवेदन है कि वे अधिक से अधिक कार्य हिंदी में करें, जिससे राजभाषा हिंदी की उन्नति हो।’ श्री विकास कुमार उपाध्याय, प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक, जवाहर नवोदय विद्यालय, पैलापुर, कछार ने “टिप्पण और मसौदा लेखन’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया। कार्यक्रम का संचालन हिंदी अधिकारी डॉक्टर सुरेंद्र कुमार उपाध्याय ने किया। उन्होंने राजभाषा भाषा हिंदी में कार्य करने के लिए सभी प्रशिक्षित कर्मचारियों से अपील की। श्री पृथ्वीराज वाला, हिंदी अनुवादक ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। संतोष ग्वाला, हिंदी टंकक ने सहायता प्रदान की।कार्यक्रम में उपस्थित थे अनूप वर्मा,किशोर कांति पाल,देवाशीष चक्रवर्ती,जयदीप चौधरी, सुब्रतो सिन्हा,श्यामल आचार्जी, व अन्य