असम में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का इस्तीफा
राज्यपाल को सौंपा इस्तीफा, 15वीं विधानसभा भंग करने की सिफारिश; शपथ ग्रहण जल्द संभव
विशेष प्रतिनिधि गुवाहाटी, 6 मई: असम की राजनीति में बुधवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया, जब मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने पद से इस्तीफा देकर नई सरकार के गठन की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ा दिया।
मुख्यमंत्री ने राजभवन में राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपा। इसके साथ ही उन्होंने राज्य की 15वीं विधानसभा को भंग करने की सिफारिश भी की। इस कदम को हालिया जनादेश के सम्मान और संवैधानिक परंपरा के अनुरूप माना जा रहा है।
राज्यपाल ने इस्तीफा स्वीकार करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा को नई सरकार के शपथ ग्रहण तक केयरटेकर मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते रहने का निर्देश दिया है।
इसी बीच, भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल की बैठक भी अहम मानी जा रही है, जिसमें नई सरकार के नेतृत्व को लेकर निर्णय लिया जाएगा। बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में जेपी नड्डा तथा सह-निरीक्षक के रूप में नायाब सिंह सैनी की उपस्थिति प्रस्तावित है, जिससे राजनीतिक हलकों में इसकी महत्ता और बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह प्रक्रिया केवल औपचारिक नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और समर्थन के प्रति जवाबदेही का प्रतीक है। उन्होंने भरोसा जताया कि आगामी सरकार अधिक मजबूत संकल्प और स्पष्ट विकास एजेंडा के साथ राज्य को नई दिशा देगी।
सूत्रों के अनुसार, विधायक दल की बैठक के बाद शपथ ग्रहण समारोह की तिथि जल्द घोषित की जा सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पूरी प्रक्रिया राज्य में नई सरकार के गठन और आगामी नीतिगत दिशा तय करने के लिहाज से निर्णायक साबित होगी।