संस्कृत भारत का प्राण है और वैश्विक धरोहर। डॉ. मोहन भागवत।
संस्कृत भारत का प्राण है और वैश्विक धरोहर। डॉ. मोहन भागवत। संस्कृत नवजागरण का नया केंद्र बना दिल्ली। नई दिल्ली। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि अक्षय तृतीया जैसे शुभ मुहूर्त पर ‘प्रणव’ कार्यालय का लोकार्पण अत्यंत आनंददायक और शुभ संकेत है। यह सत्य संकल्प है। ‘प्रणव’ … Read more