DAY-NULM योजना बंद होने से हजारों महिला SHG के सामने संकट

ASULMS को मजबूत करने और स्व-सहायता समूहों को संरक्षण देने की मांग

शिलचर, 12 सितंबर। असम में DAY-NULM योजना की निरंतरता प्रभावित होने से हजारों महिला स्व-सहायता समूहों (SHG) के सामने आजीविका का संकट खड़ा होने का आरोप लगाया गया है। असम स्टेट अर्बन लाइवलीहुड मिशन सोसाइटी (ASULMS) को मजबूत करने तथा इसके तहत संचालित महिला SHG को संरक्षण देने की मांग को लेकर संबंधित लोगों ने आवाज उठाई है।

इस संबंध में कछार जिला भाजपा अध्यक्ष रूपम साहा देव को सौंपे गए एक आवेदन में कहा गया है कि वर्ष 2015 से असम में DAY-NULM के माध्यम से शहरी गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं को संगठित कर स्व-सहायता समूहों का गठन तथा उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है। आवेदन के अनुसार, इस योजना के तहत राज्य में अब तक 25 हजार से अधिक महिला SHG गठित किए गए हैं, जिनसे करीब 2.5 लाख गरीब शहरी परिवार जुड़े हुए हैं।

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि 31 दिसंबर 2025 के बाद योजना की निरंतरता प्रभावित होने से विभिन्न शहरी स्थानीय निकायों (ULB) क्षेत्रों में SHG के पंजीकरण, सुदृढ़ीकरण और वित्तीय सहायता से संबंधित कार्य बाधित हो गए हैं। नए गठित SHG को मिलने वाली Revolving Fund सहायता भी रुक गई है। इसके अलावा SHG तथा शहरी युवाओं के लिए बैंक ऋण की प्रक्रिया भी लगभग ठप होने की बात कही गई है।

इस स्थिति से राज्य के करीब 2.5 लाख गरीब शहरी महिलाओं की आजीविका प्रभावित होने के साथ लगभग 275 Community Resource Persons (CRP) के रोजगार और राज्य व ULB स्तर पर कार्यरत करीब 180 मिशन कर्मियों की नौकरी पर भी संकट मंडराने का दावा किया गया है।

आवेदन में राज्य सरकार से ASULMS को तत्काल आवश्यक वित्तीय एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने की मांग की गई है। साथ ही मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के समक्ष मामले को उठाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए राज्यसभा सांसद से भी हस्तक्षेप की मांग की गई है।

आवेदकों का कहना है कि सरकार द्वारा समय रहते सकारात्मक कदम उठाए जाने से शहरी गरीब परिवारों, महिला SHG तथा जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मियों की आजीविका और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी गतिविधियों को फिर से सुचारु गति मिल सकती है।

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