नेपाल में गणतंत्र के खिलाफ बगावत क्यों ? — आचार्य श्रीहरि

गणतंत्र सबसे सफल और सर्वश्रेष्ठ शासन प्रणाली है। गणतंत्र में गण की प्रधानता होती है। यानी कि जनता ही सर्वश्रेष्ठ होती है, निर्णायक होती है और भाग्यविधाता होती है। जनता की इच्छा गणतंत्र की प्राथमिकता होती है। लेकिन नेपाल में उल्टा हो रहा है। नेपाल में गणतंत्र के खिलाफ बगावत हो रहा है, विद्रोह हो … Read more

31 मार्च/जन्म-दिवस शिक्षाप्रेमी जयगोपाल गाडोदिया

अभाव और कठिनाइयों में अपने जीवन का प्रारम्भ करने वाले जयगोपाल गाडोदिया का जन्म 31 मार्च, 1931 को सुजानगढ़ (जिला चुरू, राजस्थान) में हुआ था। गरीबी के कारण उन्हें विद्यालय में पढ़ने का अवसर नहीं मिला। इतना ही नहीं, तो प्रायः उन्हें दोनों समय पेट भर भोजन भी नहीं मिलता था। इन अभावों से उनके … Read more

31 मार्च/पुण्य-तिथि संघनिष्ठ नानासाहब भागवत

श्री नारायण पांडुरंग (नानासाहब) भागवत मूलतः महाराष्ट्र में चंद्रपुर जिले के वीरमाल गांव के निवासी थे। वहां पर ही उनका जन्म 1884 में हुआ था। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण वे अपने मामा जी के घर नागपुर काटोल पढ़ने आ गये। आगे चलकर उन्होंने प्रयाग (उ.प्र.) से कानून की परीक्षा उत्तीर्ण … Read more

यदि अकबर महान तो महाराणा प्रताप कौन थे?

जलती रही जौहर में नारियां  भेड़िये फ़िर भी मौन थे।  हमें पढाया गया अकबर” महान, तो फिर महाराणा प्रताप कौन थे? 😇😇 सड़ती रही लाशें सड़को पर  गांधी फिर भी मौन थे, हमें पढ़ाया गांधी के चरखे से आजादी आयी, तो फांसी चढ़ने वाले 16-25 साल के वो जवान कौन थे? 😇😇 वो रस्सी आज … Read more

हिंदू नव वर्ष: भारतीय संस्कृति, परंपरा और आत्मिक जागरण का पर्व

जब प्रकृति अपने नवसृजन के उत्सव में मग्न होती है, जब पेड़ों की शाखाओं पर नई कोंपलें मुस्कुराने लगती हैं, जब आम के बौर से हवा में मधुर सुगंध फैलने लगती है, और जब कोयल की कूक हमारे हृदय में एक नई ऊर्जा का संचार करती है—तभी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का वह दिव्य दिन आता … Read more

30 मार्च/जन्म-दिवस आदर्श कार्यकर्ता अप्पा जी जोशी

एक बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डा. हेडगेवार ने कार्यकर्ता बैठक में कहा कि क्या केवल संघकार्य किसी के जीवन का ध्येय नहीं बन सकता ? यह सुनकर हरिकृष्ण जोशी ने उन 56 संस्थाओं से त्यागपत्र दे दिया, जिनसे वे सम्बद्ध थे। यही बाद में ‘अप्पा जी’ के नाम से प्रसिद्ध हुए। 30 मार्च, … Read more

वह

गहरे अंधेरे में एक नन्हीं जुगनू। मैं, एक जलती हुई लौ। विस्तर में गिरा हुआ मुरझाया रजनीगंधा। या शायद, किसी अनजाने किनारे पर, एक मासूम चातक बेसहारा पड़ा। वह मेरी कहानी की शुरुआत, वह मेरी कहानी का अंत, और मैं… उसके छोड़ी हुई एक छोटी सी कहानी— शुरुआत में अचरज, अंत में रहस्य… बिल्कुल प्यार … Read more

संघ‌@100 – दत्तात्रेय होसबाले सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

संघ अपने कार्य के 100 वर्ष पूर्ण कर रहा है, ऐसे समय में उत्सुकता है कि संघ इस अवसर को किस रूप में देखता है। स्थापना के समय से ही संघ के लिए यह बात स्पष्ट रही है कि ऐसे अवसर उत्सव के लिए नहीं होते, बल्कि ये हमें आत्मचिंतन करने तथा अपने उद्देश्य के … Read more

लघु कथा रिया का सपना

एक छोटे से शहर में, जहाँ लोग अपनी-अपनी दिनचर्या में व्यस्त रहते थे, एक लड़की थी जिसका नाम रिया था। रिया एक गरीब परिवार से थी। उसके पिता एक छोटे से दुकान के मालिक थे और उसकी मां एक गंभीर बीमारी से पीड़ित थी। रिया की मां को दवाई की सख्त जरूरत थी, लेकिन पैसे … Read more

हिंदू समाज ऋणी है राणा सांगा के 80 घावों का लेखक एवं रिसर्च- दिलीप पाण्डेय 

16 मार्च 1527, खानवा का मैदान, भरतपुर, राजस्थान बाबर की तोपें आग उगल रही थीं । राजपूतों के नेतृत्व में हिंदू समाज, दिल्ली को मुक्त करवाकर संपूर्ण स्वराज की आखिरी जंग लड़ रहा था । समूचे उत्तर भारत के सम्राट और अब तक सभी लड़ाइयां जीतने वाले राणा सांगा सूर्य की भांति राजपूती सेना के … Read more