2 मई/जन्म-दिवस पुरातत्ववेत्ता प्रोफेसर ब्रजबासी लाल

श्रीराम मंदिर आंदोलन के समय जनांदोलन और भारतीय संसद के साथ ही एक मोरचा न्यायालय में भी खुला था, जहां यह बहस होती थी कि राम हुए भी हैं या नहीं; उनका जन्मस्थान क्या अयोध्या और अयोध्या में भी वही स्थान है, जिसके लिए आंदोलन हो रहा है। वहां पर पहले मंदिर था, इसका क्या … Read more

2 मई/पुण्य-तिथि आधुनिक विश्वकर्मा बड़े भाई रामनरेश सिंह

‘भारतीय मजदूर संघ’ के प्राणाधार श्री रामनरेश सिंह का जन्म 1925 ई. की दीपावली के शुभ दिन ग्राम बघई (मिर्जापुर, उ.प्र.) में एक सामान्य किसान श्री दलथम्मन सिंह के घर में हुआ था। 1942 में हाईस्कूल कर चुनार तहसील में नकल नवीस के नाते उनकी नौकरी लग गयी। जब वहां सायं शाखा प्रारम्भ हुई, तो … Read more

1 मई/बलिदान दिवस प्रफुल्ल चाकी

प्रफुल्ल का जन्म 10 दिसम्बर 1888 को उत्तरी बंगाल के बोगरा जिला (अब बांग्लादेश में स्थित) के बिहारी गाँव में हुआ था। जब प्रफुल्ल दो वर्ष के थे तभी उनके पिता जी का निधन हो गया। उनकी माता ने अत्यन्त कठिनाई से प्रफुल्ल का पालन-पोषण किया। विद्यार्थी जीवन में ही प्रफुल्ल का परिचय स्वामी महेश्वरानन्द … Read more

भारतीय फिल्मों के पितामह दादासाहब फाल्के

नासिक के पास प्रसिद्ध तीर्थस्थल त्रयम्बकेश्वर में 30 अप्रैल, 1870 को धुण्डराज गोविन्द फाल्के का जन्म हुआ। उनके पिता श्री गोविन्द फाल्के संस्कृत के प्रकाण्ड विद्वान थे। वे चाहते थे कि उनका पुत्र भी उनकी तरह विद्वान् पुरोहित बने। इसलिए उन्होंने बचपन से ही उसे गीता, रामायण, शास्त्र, पुराण, वेद, उपनिषद आदि का अध्ययन कराया; … Read more

शिक्षित समाज में पाकिस्तान समर्थक विचार! अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता या देशविरोधिता? — राजु दास

शिक्षित समाज में पाकिस्तान समर्थक विचार! अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता या देशविरोधिता? पिछले कुछ दिनों से देशभर में एक के बाद एक पुलिस कार्रवाई के तहत ऐसे कुछ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने सोशल मीडिया पर खुलेआम पाकिस्तान के समर्थन में बयान दिया है या भारत के खिलाफ नफरत फैलाई है। इसमें असम भी … Read more

अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस लाखों मजदूरों के परिश्रम, दृढ़ निश्चय और निष्ठा का दिवस है —  ब्रह्मानंद राजपूत

हर वर्ष अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मई महीने की पहली तारीख को मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस को मई दिवस भी कहकर बुलाया जाता है। अमेरिका में 1886 में जब मजदूर संगठनों द्वारा एक शिफ्ट में काम करने की अधिकतम सीमा 8 घंटे करने के लिए हड़ताल की जा रही थी। इस हड़ताल के दौरान … Read more

ऑडियोबुक्स व पॉडकास्ट ऐप्स में ही रह गई हैं कहानियां ! — सुनील कुमार महला

बच्चे हों या बूढ़े, कहानियां सुनना सबको अच्छा लगता है। कहानियां सुनने के अनेक फायदे हैं। मसलन, कहानियाँ जहां एक ओर हमारी कल्पनाशीलता को विकसित करती हैं, वहीं दूसरी ओर कहानियां हमें नए विचार सीखने में भी बहुत मदद करती हैं। ये कहानियां ही होतीं हैं जो हमारी भावनाओं को भी समझने में बहुत ही … Read more

29 अप्रैल/जन्मदिवस दानवीर भामाशाह

दानवीर भामाशाह का जन्म राजस्थान के मेवाड़ राज्य में 29 अप्रैल, 1547 को हुआ था। इनके पिता भारमल थे, जिन्हें राणा साँगा ने रणथम्भौर के क़िले का क़िलेदार नियुक्त किया था। भामाशाह बाल्यकाल से ही मेवाड़ के राजा महाराणा प्रताप के मित्र, सहयोगी और विश्वासपात्र सलाहकार रहे थे। अपरिग्रह को जीवन का मूलमंत्र मानकर संग्रहण … Read more

28 अप्रैल/बलिदान-दिवस क्रान्ति पुरोधा जोधासिंह अटैया

भारत की स्वतन्त्रता का पावन उद्देश्य और अदम्य उत्साह 1857 की महान क्रान्ति का प्रमुख कारण ही नहीं, आत्माहुति का प्रथम आह्नान भी था। देश के हर क्षेत्र से हर वर्ग और आयु के वीरों और वीरांगनाओं ने इस आह्वान को स्वीकार किया और अपने रक्त से भारत माँ का तर्पण किया। उस मालिका के … Read more

भारत ने 1.71 मिलियन लोगों को ग़रीबी से बाहर निकाला (विश्व बैंक की ताज़ा रिपोर्ट) — सुनील कुमार महला

पहलगाम आतंकी हमले की बहुत ही दुखद खबर के बाद हाल ही में विश्व बैंक से एक अच्छी खबर आई है। यह खबर ग़रीबी उन्मूलन पर है। ग़रीबी वास्तव में एक बहुत बड़ी व ज्वलंत समस्या है। यदि हम यहां गरीबी की साधारण परिभाषा की बात करें तो बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए … Read more