जीवन में संतुष्टि प्राप्त करने की तरीके

1. आत्म-मूल्यांकन और आत्म-निरीक्षणः अपने जीवन का गहरे से मूल्यांकन करें। अपने दृष्टिकोण, भावनाओं और व्यवहार को समझें। अपने उद्देश्य, प्राथमिकताओं और लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें। यह जानने का प्रयास करें कि आप कहां हैं और कहां जाना चाहते हैं। अपने मजबूत पक्षों पर काम करें और अपनी कमजोरियों को सुधारने के … Read more

11 जून/जन्म-दिवस                  काकोरी कांड के नायक   : पंडित रामप्रसाद बिस्मिल

पंडित रामप्रसाद का जन्म 11 जून, 1897 को शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था। इनके पिता श्री मुरलीधर शाहजहाँपुर नगरपालिका में कर्मचारी थे; पर आगे चलकर उन्होंने नौकरी छोड़कर निजी व्यापार शुरू कर दिया। रामप्रसाद जी बचपन से महर्षि दयानन्द तथा आर्य समाज से बहुत प्रभावित थे। शिक्षा के साथ साथ वे यज्ञ, सन्ध्या वन्दन, … Read more

“पंडित राम प्रसाद ‘बिस्मिल’ : भारत माता के अमर क्रांतिकारी सपूत” डॉ. शैलेश शुक्ला

डॉ. शैलेश शुक्ला वरिष्ठ लेखक, पत्रकार, साहित्यकार एवं वैश्विक समूह संपादक, सृजन संसार अंतरराष्ट्रीय पत्रिका समूह  पंडित राम प्रसाद ‘बिस्मिल’ का जन्म 11 जून 1897 को उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले में हुआ था। उनके पिता का नाम मुरलीधर था जो एक ब्राह्मण परिवार से थे और आय का मुख्य साधन पूजा-पाठ और संस्कृत अध्यापन था। माता का नाम … Read more

हंसना मना है सच्ची घटना (अनुवाद)

एक ट्रक रात के समय शव लेकर शिलॉंग से शिलचर जा रहा था। रास्ते में ड्राइवर और हेल्पर को चाय पीने की तलब लगी। तो उन्होंने ट्रक को सड़क के किनारे रोका और दोनों पास की दुकान पर चाय पीने उतर गए। वो लोग दुकान में बैठकर चाय पी रहे थे। उधर, एक आदमी जो … Read more

बेवफाई की हनीमून डायरी — प्रियंका सौरभ

मैंने देखा था एक जोड़ा हाथों में हाथ, आँखों में स्वप्न लिए वो कहते थे – “हमसफ़र” पर शायद किसी एक के लिए ये सफर सिर्फ “अंत” था. मेघालय की वादियों में जहाँ झीलें चुपचाप सब सुनती हैं, वहीं गूंजा था एक मौन चीत्कार एक प्रेमी पति, जो पत्नी के हृदय में नहीं, उसके षड्यंत्र … Read more

9 जून/बलिदान-दिवस बन्दा बैरागी का बलिदान

बन्दा बैरागी का जन्म 27 अक्तूबर, 1670 को ग्राम तच्छल किला, पुंछ में श्री रामदेव के घर में हुआ। उनका बचपन का नाम लक्ष्मणदास था। युवावस्था में शिकार खेलते समय उन्होंने एक गर्भवती हिरणी पर तीर चला दिया। इससे उसके पेट से एक शिशु निकला और तड़पकर वहीं मर गया। यह देखकर उनका मन खिन्न … Read more

10 जून/विजय-दिवस पराक्रमी राजा सुहेलदेव

मुस्लिम आक्रमणकारी सालार मसूद को बहराइच (उत्तर प्रदेश) में उसकी एक लाख बीस हजार सेना सहित जहन्नुम पहुंचाने वाले राजा सुहेलदेव का जन्म श्रावस्ती के राजा त्रिलोकचंद के वंशज पासी मंगलध्वज (मोरध्वज) के घर में माघ कृष्ण 4, विक्रम संवत 1053 (सकट चतुर्थी) को हुआ था। अत्यन्त तेजस्वी होने के कारण इनका नाम सुहेलदेव (चमकदार … Read more

नव दंपति की कहानी स्त्रियों‌‌ के नैतिक पतन से मानवीय रिश्ते खतरे में- मीना दुधोरिया

नव दंपति की कहानी स्त्रियों‌‌ के नैतिक पतन से मानवीय रिश्ते खतरे में- मीना दुधोरिया किसी भी ,किन्हीं भी परिस्थितियों में तथा किसी भी समाज में स्त्रियों का स्थान सदैव महत्वपूर्ण है।मनुष्य के व्यक्तित्व का निर्माण करने में उन्हें का हाथ रहता था और वही व्यक्तित्व समाज व राष्ट्र का निर्माण करता है। परोक्ष रूप … Read more

पिता — बबिता बोरा

पिता ने कभी ज़्यादा कुछ नहीं कहा। असल में, वे कभी ज़्यादा कुछ कहते ही नहीं थे। “पिता” शब्द सुनते ही याद आती है — शनिवार रात का इंतज़ार, पेट्रोल की महक, देवदार के पेड़ों की ठंडी छाया, दूब घास पर टिकी ओस की बूँदों को चीरकर आती धूप की चमक, और दस रुपये की … Read more

प्रधानमंत्री मोदी के सेवा, सुशासन और समर्पण के ग्यारह वर्ष — सुनील कुमार तिवारी

साल 2014 में जब नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, तब देश एक निर्णायक नेतृत्व की तलाश में था। आर्थिक अनिश्चितता, नीतिगत पंगुता और भ्रष्टाचार के मामलों ने जनता को निराश कर दिया था। ऐसे समय में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रीय मंच पर एक उम्मीद की किरण बनकर उभरे। एक … Read more