सूचना का अधिकार: लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण उपकरण !

15 जून का दिन हमारे देश के लोकतंत्र के इतिहास में अपने आप में बहुत ही महत्वपूर्ण है, क्यों कि 15 जून के दिन ही वर्ष 2005 में भारत के राष्ट्रपति द्वारा सूचना अधिकार अधिनियम(आरटीआई) को मंजूरी प्रदान की गई थी। वास्तव में इस अधिनियम का उद्देश्य प्रत्येक सार्वजनिक प्राधिकरण के कार्यकरण में पारदर्शिता और … Read more

14 जून/जन्म-दिवस अहिंसा यात्रा के पथिक आचार्य महाप्रज्ञ

आतंकवाद, अशांति, अनुशासनहीनता और अव्यवस्था से विश्व को बचाने का एकमात्र उपाय अंिहंसा ही है। देश के दूरस्थ गांवों में लाखों कि.मी पदयात्रा कर यह संदेश फैलाने वाले जैन सन्त आचार्य महाप्रज्ञ का जन्म14 जून, 1920 (आषाढ़ कृष्ण 13) को राजस्थान के झुंझनू जिले के ग्राम तमकोड़ में हुआ था। बचपन में इनका नाम नथमल … Read more

पाकिस्तान : ‘टू नेशन थ्योरी’ का बिखरता सच

पाकिस्तान मोहम्मद अली जिन्ना की ‘टू नेशन थ्योरी’ के आधार पर बना। जिन्ना का यह मानना था कि हिंदू और मुस्लिम एक साथ नहीं रह सकते। दोनों आवश्यक रूप से दो अलग राष्ट्र हैं। इसलिए इन्हें दो देश के तौर पर अलग होना चाहिए, लेकिन उनकी यह मानवता विरोधी थ्योरी 1971 में ही खंड-खंड हो … Read more

आखिर क्यों हो रही हैं विवाहिताओं द्वारा युवकों की हत्याएं?

आजकल नवविवाहिताओं और विवाहिताओं द्वारा पति की हत्या करने/कराने के ट्रेंड चल पड़ा है।हिंदू परिवारों में सामान्यतया दो ही बच्चे हैं।एक बेटा और एक बेटी।अपवाद हैं,लेकिन अधिक नहीं हैं।सोचिए कि किसी का इकलौता बेटा किसी हत्यारी पत्नी के चंगुल में फंस जाए और उसकी हत्या हो जाए तो उस माता पिता की स्थिति क्या होगी,जिनका … Read more

हिंदी भाषा और मोबाइल तकनीक : गाँव से वैश्विक मंच तक — डॉ. शैलेश शुक्ला

भारत में मोबाइल तकनीक के विस्तार ने हिंदी भाषा को एक नया संचार माध्यम प्रदान किया है। वर्ष 2023 तक भारत में 114.4 करोड़ मोबाइल ग्राहक हैं, जिनमें से 83 करोड़ से अधिक स्मार्टफोन उपयोगकर्ता हैं। यह आंकड़ा यह दर्शाता है कि मोबाइल फोन भारत के हर गाँव और कस्बे तक पहुँच चुका है। हिंदी, जो भारत की सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है (Census 2011 के अनुसार लगभग 44% भारतीयों की मातृभाषा हिंदी है), मोबाइल तकनीक के माध्यम से अब केवल बोलचाल तक सीमित नहीं रही, बल्कि सूचना, शिक्षा, मनोरंजन और व्यापार की भाषा भी बन गई है। गूगल और KPMG की 2017 की एक संयुक्त रिपोर्ट बताती है कि भारत में इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या हिंदी भाषियों में अंग्रेजी उपयोगकर्ताओं की तुलना में चार गुना तेजी से बढ़ रही है। यह तकनीकी पहुँच अब केवल उच्च शिक्षित या शहरी वर्ग तक सीमित नहीं रही। हिंदी में मोबाइल सामग्री की उपलब्धता ने डिजिटल भारत में ग्रामीण जनसंख्या को मुख्यधारा से जोड़ा है, जिससे वे सरकारी सेवाओं, बैंकिंग, रोजगार, कृषि तकनीक और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी सीधे हिंदी में प्राप्त कर पा रहे हैं। मोबाइल ऐप्स की लोकप्रियता ने हिंदी भाषा को गाँवों में भी डिजिटल आत्मनिर्भरता का उपकरण बना दिया है। ShareChat, Josh, Moj, Dailyhunt जैसे ऐप्स विशेष रूप से हिंदी भाषी उपयोगकर्ताओं के लिए विकसित किए गए हैं। ShareChat की 2022 की आंतरिक रिपोर्ट के अनुसार, इसके 180 मिलियन मासिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं में 70% से अधिक हिंदी भाषी हैं। इन ऐप्स के माध्यम से किसान, कारीगर, छोटे व्यापारी और ग्रामीण महिलाएं हिंदी में सूचनाएं साझा करते हैं, वीडियो बनाते हैं और स्थानीय उत्पादों का प्रचार भी करते हैं। उदाहरण के लिए, Josh ऐप पर उपलब्ध कुल वीडियो कंटेंट का 65% से अधिक भाग हिंदी में है। यह बदलाव न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता बढ़ाता है, बल्कि हिंदी को वैश्विक डिजिटल भाषाओं की कतार में भी खड़ा करता है। साथ ही YouTube जैसे वैश्विक प्लेटफॉर्म पर भी हिंदी कंटेंट की खपत अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। Statista की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 65% से अधिक उपयोगकर्ता YouTube पर हिंदी में वीडियो देखते हैं। मोबाइल तकनीक और हिंदी भाषा ने शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति ला दी है। DIKSHA, e-Pathshala, Byju’s और Vedantu जैसे ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म्स अब हिंदी में भी उच्च गुणवत्ता की शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं। भारत सरकार के DIKSHA प्लेटफॉर्म पर हिंदी माध्यम में 250,000 से अधिक ई-कंटेंट उपलब्ध हैं और अब तक इसे 3 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया गया है। इसका सबसे अधिक लाभ उन ग्रामीण विद्यार्थियों को मिल रहा है, जिनके लिए पारंपरिक शिक्षा साधनों तक पहुँच कठिन थी। मोबाइल ऐप्स और ऑनलाइन शिक्षण ने हिंदी को सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि सीखने का माध्यम बना दिया है। ‘Byju’s’ जैसे प्राइवेट ऐप्स ने भी अब ग्रामीण बच्चों के लिए हिंदी वीडियो कंटेंट, क्विज़ और मॉक टेस्ट उपलब्ध कराने शुरू किए हैं। वर्ष 2022 में Byju’s ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ग्रामीण क्षेत्र से 60% से अधिक उपयोगकर्ता हिंदी माध्यम का चयन कर रहे हैं। यह बदलती स्थिति हिंदी के लिए एक नए युग की शुरुआत है, जहाँ वह केवल साहित्य की नहीं, तकनीकी और शैक्षणिक नवाचार की भी भाषा बन चुकी है। मोबाइल तकनीक और हिंदी भाषा का मेल विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं के लिए एक क्रांतिकारी साधन बनकर उभरा है। 2024 में Times of India की एक रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण भारत की 80% महिला उद्यमियों ने डिजिटल साक्षरता की कमी के बावजूद सोशल कॉमर्स प्लेटफार्मों का सफलतापूर्वक उपयोग किया है और इसमें मुख्य भूमिका हिंदी भाषा ने निभाई है। उदाहरण के लिए, Rajasthan के बाड़मेर ज़िले की कमला देवी, जो केवल कक्षा 8 तक पढ़ी हैं, आज मोबाइल ऐप्स के माध्यम से अपने हस्तनिर्मित उत्पादों को ShareChat और WhatsApp के माध्यम से हिंदी में प्रचारित कर रही हैं और हर महीने ₹10,000 से अधिक की आय कर रही हैं। यह उदाहरण दर्शाता है कि जब मोबाइल तकनीक स्थानीय भाषा में होती है, तो वह न केवल सुलभ होती है, बल्कि महिला सशक्तिकरण का माध्यम भी बन जाती है। “मोबाइल पत्रकारिता” या “मोबाइल जर्नलिज़्म (MOJO)” ने हिंदी पत्रकारिता को नए आयाम दिए हैं। अब ग्रामीण क्षेत्र के आम लोग भी मोबाइल के माध्यम से वीडियो रिपोर्टिंग कर सकते हैं और स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बना सकते हैं। ‘ख़बर लहरिया’ इसका जीवंत उदाहरण है। यह मीडिया संस्था उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं द्वारा संचालित है और मोबाइल तकनीक के माध्यम से स्थानीय घटनाओं को हिंदी में प्रस्तुत करती है। इस संस्था के YouTube चैनल पर 25 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं और इसके वीडियो राष्ट्रीय मीडिया तक पहुंच रहे हैं। इसके अलावा ‘गाँव कनेक्शन’ जैसे मीडिया प्लेटफार्म भी मोबाइल रिपोर्टिंग और हिंदी कंटेंट के माध्यम से गाँव की आवाज़ को शहर और संसद तक पहुँचा रहे हैं। यह पत्रकारिता का लोकतंत्रीकरण है, जिसमें मोबाइल तकनीक और हिंदी भाषा की संयुक्त शक्ति दिखाई देती है। आज हिंदी न केवल भारत की, बल्कि विश्व की एक प्रमुख डिजिटल भाषा बन चुकी है। संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका, यूके, मॉरीशस, फिजी और खाड़ी देशों में बसे प्रवासी भारतीयों के कारण हिंदी का डिजिटल प्रसार तीव्र गति से हो रहा है। Duolingo ऐप की 2024 रिपोर्ट के अनुसार, 6.5 मिलियन अंतरराष्ट्रीय उपयोगकर्ता हिंदी सीख रहे हैं, जिनमें अमेरिका, रूस और ब्राज़ील प्रमुख हैं। ‘Hindi News Live’, ‘Hindi Shayari’, ‘Learn Hindi’, ‘Hindi Radio’ जैसे हजारों ऐप्स Google Play Store और Apple Store पर उपलब्ध

“रणनीतिक, तकनीकी, वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मिशन: एक्सियम-4 “

यह हमारे देश के लिए बहुत ही गौरव की बात है कि हमारा देश अंतरिक्ष के क्षेत्र में विश्व में नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है और अब भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला एक्सियम-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन यानी आईएसएस जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वे 14 दिनों … Read more

कितना डरावना है मुस्लिम आबादी का विस्फोट ? — आचार्य श्रीहरि

दस सालों में मुस्लिम आबादी 34.7 करोड़ बढी/दो खरब मुस्लिम आबादी हुई/ यूरोप, अमेरिका, भारत आबादी जिहाद के आसान शिकार हैं।         आचार्य श्रीहरि मुस्लिम आबादी का जनसंख्या विस्फोट कितना डरावना है, कितना हिंेसक है, कितना आतंकी है, कितना घृणित है, कितना अभिशाप है, कितनी समस्या खडी करने वाला है? सभ्यताओं के संघर्ष … Read more

कॉलेज के एक विद्यार्थी का सवाल?

कॉलेज के एक विद्यार्थी का सवाल? “जीत… किसकी होती है? सच की… ज्ञान की… या राजनीतिक सत्ता की?” एक युवा… सालों तक पढ़ाई करता है, रातें जागकर सपने देखता है – IAS बनने का। देश की सेवा का। सिस्टम बदलने का। वो कठिन से कठिन परीक्षा पास करता है, इंटरव्यू क्लियर करता है, ट्रेनिंग से … Read more

एक आदर्श किसान का परिवार- दीपाली सिंह

एक छोटे से शहर में एक किसान रहता था, जो बड़ा ही मेहनती, ईमानदार और प्रतापी था। वह अपने खेतों में दिन-रात मेहनत करता और पूरे समर्पण से अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी लगन और सादगी ने उसे न केवल अपने परिवार का बल्कि पूरे गांव का आदर्श बना दिया था। किसान न … Read more

12 जून/इतिहास स्मृति इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा ऐतिहासिक फैसला

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 12 जून, 1975 के फैसले में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को चुनावी कदाचार का दोषी ठहराया गया था और उन्हें किसी भी निर्वाचित पद पर बैठने से रोक दिया गया था। यह व्यापक रूप से माना जाता है कि न्यायमूर्ति जगमोहनलाल सिन्हा द्वारा दिए गए फैसले के कारण 25 जून, 1975 … Read more