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” देश गान “
” देश गान ” कश्मीर से कन्याकुमारी तक असम से गुजरात तक कोटि कंठ से गूंजे एक ही स्वर जय भारती….. जय भारती… जय भारती….!! सूरज चमके तेरे ही भाल पर सर पे है ताज हिमाला…. पाँव चूमे सागर अबिरत कंठ मे गंगा की माला… जय भारती… जय भारती… जय भारती….! ऊँचे ऊँचे परबत हमारे … Read more
शब्दों की धार का लोकार्पन
तिनसुकिया, 23जनवरी ( मनोज कुमार ओझा )धेमाजी पुस्तक मेले में आज सिलापथार के युवा कवि मुकेश सिंह की प्रथम काव्य संग्रह शब्दों की धार का विमोचन हुआ। प्रसिद्ध असमिया लेखिका विनीता गाड़ोदिया तथा निवेदिता हन्दिकै ने किया। उक्त कार्यक्रम में धेमाजी के प्रतिष्ठित व्यवसायी उमेश खंडेलिया, दर्पण की भाषा के आविष्कर्ता ड० उत्तम दास, सिमेन … Read more
जेईई (मुख्य) -2021 के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करने हेतु सार्वजनिक सूचना
जेईई मेन 2021 – नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने जेईई मेन 2021 का ऑफिशियल इन्फॉर्मेशन ब्रोशर जारी कर दिया है। अधिकारी 23 से 26 फरवरी तक जेईई मेन 2021 फरवरी सत्र की परीक्षा आयोजित करेंगे। फरवरी सत्र के लिए जेईई मेन 2021 एप्लीकेशन फॉर्म भी jeemain.nta.nic.in पर उपलब्ध करा दिया गया है। इस वर्ष जेईई … Read more
किसान आंदोलन पर व्यंग लेख, ।।ट्रैक्टर रैली से मोदी मित्रों द्वारा फायदा उठाने की साजिश का हुआ खुलासा।।
विश्वस्त सूत्रों से पता चला है के ट्रैक्टर रैली में सबसे ज्यादा किस कंपनी के ट्रैक्टर शिरकत कर रहे हैं,सारी ट्रैक्टर कंपनियां इस पर नजर रख रही है…इस आधार पर कंपनियां अपना विज्ञापन बनवाएगी और मार्केट में अपनी बिक्री बढ़ाएगी… ‘अडानी-अम्बानी’ सरीखे लोग यहां भी फायदा उठा कर किसानों को ही बाजार बनाने की संभावना … Read more
हिन्दी साहित्य के एक युग का अंत !
हिन्दी साहित्याकाश में अपनी लेखनी की स्वर्णिम आभा बिखेरने वाले लब्धप्रतिष्ठित हिन्दी साहित्यकार तथा हिन्दुस्तान पेपर कॉरपोरेशन/काछाड़ पेपर मिल ,पंचग्राम(आसाम) के भूतपूर्व राजभाषा अधिकारी ,नराकास शिलचर के भूतपूर्व सचिव डॉ प्रमथ नाथ मिश्रा का बिगत दिनांक ०८-०१-२०२१(शुक्रवार) दोपहर १२.४५ बजे बनारस (उत्तर प्रदेश) में देहांत हो गया। आप पिछले एक महीने से बीमार चल रहे … Read more
कहानी : ” बनारसी साड़ियां “
— मनोज कुमार ओझा आधी रात बीतने को है, और मैं फेसबुक पर बैठा लिख रहा हूँ, जाहिर है न तो कमैंट्स की अभिलाषा है न लाइक्स पाने की ललक. बस मन को हल्का करने के लिये लिख रहा हूँ. वैसे भी अब मेरी जिंदगी मेँ है ही क्या जो आपलोग मुझे लाइक करें और … Read more
काश! हम कुत्ता पाले होते – डॉ अवधेश कुमार अवध
बहुतेरे लोग कुत्ता पालते हैं। नहीं भी पालते हैं। दूसरे भी बहुत से पालतू जीवों को पालते हैं। विविध आदतों को भी पालते हैं। पालने पर कोई रोक भी नहीं है। पाल भी सकते हैं। नहीं भी पाल सकते हैं। मनुष्य का स्वभाव है पालना, इसलिए भी पालता है। तनहाई दूर करने के लिए भी … Read more