जेईई (मुख्य) -2021 के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करने हेतु सार्वजनिक सूचना

जेईई मेन 2021 – नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने जेईई मेन 2021 का ऑफिशियल इन्फॉर्मेशन ब्रोशर जारी कर दिया है। अधिकारी 23 से 26 फरवरी तक जेईई मेन 2021 फरवरी सत्र की परीक्षा आयोजित करेंगे। फरवरी सत्र के लिए जेईई मेन 2021 एप्लीकेशन फॉर्म भी jeemain.nta.nic.in पर उपलब्ध करा दिया गया है। इस वर्ष जेईई … Read more

किसान आंदोलन पर व्यंग लेख, ।।ट्रैक्टर रैली से मोदी मित्रों द्वारा फायदा उठाने की साजिश का हुआ खुलासा।।

विश्वस्त सूत्रों से पता चला है के ट्रैक्टर रैली में सबसे ज्यादा किस कंपनी के ट्रैक्टर शिरकत कर रहे हैं,सारी ट्रैक्टर कंपनियां इस पर नजर रख रही है…इस आधार पर कंपनियां अपना विज्ञापन बनवाएगी और मार्केट में अपनी बिक्री बढ़ाएगी… ‘अडानी-अम्बानी’ सरीखे लोग यहां भी फायदा उठा कर किसानों को ही बाजार बनाने की संभावना … Read more

हिन्दी साहित्य के एक युग का अंत !

हिन्दी साहित्याकाश में अपनी लेखनी की स्वर्णिम आभा बिखेरने वाले लब्धप्रतिष्ठित हिन्दी साहित्यकार तथा हिन्दुस्तान पेपर कॉरपोरेशन/काछाड़ पेपर मिल ,पंचग्राम(आसाम) के भूतपूर्व राजभाषा अधिकारी ,नराकास शिलचर के भूतपूर्व सचिव डॉ प्रमथ नाथ मिश्रा का बिगत दिनांक ०८-०१-२०२१(शुक्रवार) दोपहर १२.४५ बजे बनारस (उत्तर प्रदेश) में देहांत हो गया। आप पिछले एक महीने से बीमार चल रहे … Read more

कहानी : ” बनारसी साड़ियां “

— मनोज कुमार ओझा आधी रात बीतने को है, और मैं फेसबुक पर बैठा लिख रहा हूँ, जाहिर है न तो कमैंट्स की अभिलाषा है न लाइक्स पाने की ललक. बस मन को हल्का करने के लिये लिख रहा हूँ. वैसे भी अब मेरी जिंदगी मेँ है ही क्या जो आपलोग मुझे लाइक करें और … Read more

काश! हम कुत्ता पाले होते – डॉ अवधेश कुमार अवध

बहुतेरे लोग कुत्ता पालते हैं। नहीं भी पालते हैं। दूसरे भी बहुत से पालतू जीवों को पालते हैं। विविध आदतों को भी पालते हैं। पालने पर कोई रोक भी नहीं है। पाल भी सकते हैं। नहीं भी पाल सकते हैं। मनुष्य का स्वभाव है पालना, इसलिए भी पालता है। तनहाई दूर करने के लिए भी … Read more

लघुकथा

बाहर बारिश हो रही थी, और अन्दर क्लास चल रही थी. तभी टीचर ने बच्चों से पूछा – अगर तुम सभी को 100-100 रुपया दिए जाए तो तुम सब क्या क्या खरीदोगे ? किसी ने कहा – मैं वीडियो गेम खरीदुंगा.. किसी ने कहा – मैं क्रिकेट का बेट खरीदुंगा.. किसी ने कहा – मैं … Read more

चिकित्सा विज्ञान में एकीकृत दृष्टिकोण: समय की आवश्यकता

भारत में लगभग 1.33 बिलियन (अरब) लोग रहते है, जोकि दुनिया मे दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला देश है। भारत में विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों का एक व्यापक नेटवर्क है। मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों ( एम्स) की संख्या भी धीरे-धीरे बढ़ रही है। वर्ष 2020 के आंकड़ो के अनुसार देश में … Read more

गुजर रहा है वर्ष २०२० का , लम्हा धीरे – धीरे

गुजर रहा है वर्ष २०२० का , लम्हा धीरे – धीरे मानो कोई अपना , हमसे जुदा हो रहा है | माना कि वर्ष २०२० ने , छीन लिया हमसे आजादी | पर कुछ अच्छी यादें भी हमें, भेंट किये जा रहा हैे | २०२० हमें जिंदगी जीने का हुनर सीखा गया | खो चुके … Read more

महासंकट में लंगर / इस संस्कृति को प्रणाम

महासंकट में लंगर / इस संस्कृति को प्रणाम कहते हैं महासंकट में , किसी देश की संस्कृति , नस्ल इंसान ईमान कमान, खरे सोने की पहचान होती है । कोरोना विषाणु उपभेद के , उभरने की खबर क्या फैली , दहशत में पूरा यूरोप इंग्लैंड , पूरे यू के में फिर से नाकाबंदी , केंट … Read more

क्या भारत का लोकतंत्र फर्जी है?

भारत के किसानों ने विपक्षी दलों पर जबर्दस्त मेहरबानी कर दी है। छह साल हो गए और वे हवा में मुक्के चलाते रहे। अब किसानों की कृपा से उनके हाथ में एक बोथरा चाकू आ गया है, उसे वे जितना मोदी सरकार के खिलाफ चलाते हैं, वह उतना ही उनके खिलाफ चलता जाता है। अब … Read more