इस हिंसा के असली दोषी- अवधेश कुमार

निस्संदेह, गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के नाम पर हुई हिंसा के कारण पूरे देश में क्षोभ का माहौल है। लेकिन अगर आप कृषि कानूनों के विरोध के नाम पर आंदोलन कर रहे नेताओं के बयान और तेवर देखिए तो आपका गुस्सा ज्यादा बढ़ जाएगा। इनमें से कोई भी इस … Read more

*श्री राम जन्मभूमि मंदिर के लिए अनापेक्षित निधि का समर्पण*

घटना कल नासिक के भद्र काली मंदिर की है। यहाँ राम जन्मभूमि के लिए निधि समर्पण के कार्यालय का उद्घाटन कार्यक्रम था। ये मंदिर गाँव में है जहाँ कुछ पेड़ियाँ चढ़ कर दर्शन के लिए जाना होता है। यहाँ कार्यालय हो, ये कार्यकर्ताओं की इच्छा थी। त्यौहार, महोत्सव आदि अवसर पर यहाँ काफ़ी भीड़भाड़ रहती … Read more

फिर कैसी गणतंत्रता यह आईं?

फिर कैसी गणतंत्रता यह आईं? —- नीलू गुप्ता, सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल गणतंत्र दिवस पर आज मैंने ख़ूब बधाइयां पाई! पर सच्ची गणतंत्रता देखने को अब भी है आंखें पथराई ! हिस्से में आज जनता के कैसी बदहाली आईं, काम बिना रिश्वत के कोई आज भी न बन पाई! फिर कैसी गणतंत्रता यह आईं पर सबने … Read more

” देश गान “

” देश गान ” कश्मीर से कन्याकुमारी तक असम से गुजरात तक कोटि कंठ से गूंजे एक ही स्वर जय भारती….. जय भारती… जय भारती….!! सूरज चमके तेरे ही भाल पर सर पे है ताज हिमाला…. पाँव चूमे सागर अबिरत कंठ मे गंगा की माला… जय भारती… जय भारती… जय भारती….! ऊँचे ऊँचे परबत हमारे … Read more

शब्दों की धार का लोकार्पन

तिनसुकिया, 23जनवरी ( मनोज कुमार ओझा )धेमाजी पुस्तक मेले में आज सिलापथार के युवा कवि मुकेश सिंह की प्रथम काव्य संग्रह शब्दों की धार का विमोचन हुआ। प्रसिद्ध असमिया लेखिका विनीता गाड़ोदिया तथा निवेदिता हन्दिकै ने किया। उक्त कार्यक्रम में धेमाजी के प्रतिष्ठित व्यवसायी उमेश खंडेलिया, दर्पण की भाषा के आविष्कर्ता ड० उत्तम दास, सिमेन … Read more