द्वितीय विश्व युद्ध के समय दर्बी चाय बागान पर बॉम्बिंग

दर्बी चाय बागान में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जो बोम्बिंग हुवा था, उसमे अनेको जान-माल पालतू पशुओं का  क्षति हुवा था। कई बम आज भी दर्बी चाय बागान के तालाब, और दल दल जमीन के अंदर  निष्क्रिय अवस्था में है। हवाई जाहाज, उस बॉम्बिंग में हिस्सा लिया था। घूम घूम कर उस चाय बागान  … Read more

तीसरे मोर्चे की कवायद सिर्फ राजनीतिक कसरत अवसरवादी राजनीति को बढ़ावा

राजनीति में तथा प्यार में सबकुछ जायज माना जाता है.इसलिए कब ओर कहाँ अनमेल गंठबंधन वो भी भाजपा एवं कांग्रेस के इतर तीसरा मोर्चा बनाने की कवायद नयी नहीं है जो बिना मौसम वाली बदली की तरह है इसके पीछे किस नेता की क्या मन्शा है. तीसरा मोर्चा देश के कई नेताओं को प्रधानमंत्री बना … Read more

कोरोना सम्भल जा  -सुनील कुमार कानु

लाखो घर उजाड़कर तुझे लाज न आइ बच्चों से – माता पिता, परिवार से सन्तान छीन तुझे शर्म न आइ कौन है तु तेरी पहचान क्या, चायना की माइ या किसीकी भौजाई बच्चों की पढ़ाई-लिखाई छिन तुझे रोना नही आई बिजार, रास्ताघाट, श्मसान कर तेरी मौत न आइ कौन है तु तेरी पहचान क्या, चायना … Read more

विभाजन की त्रासदी और लाखों हिंदुओं के नरसंहार से आहत थे नाथूराम गोडसे

नाथूराम गोडसे के नाम, और उनके एक काम, के अतिरिक्त लोग उन के बारे में कुछ नहीं जानते। एक लोकतांत्रिक देश में यह कुछ रहस्यमय बात है। रहस्य का आरंभ 8 नवंबर 1948 को ही हो गया था, जब गाँधीजी की हत्या के लिए चले मुकदमे में गोडसे द्वारा दिए गए बयान को प्रकाशित करने पर … Read more

अनुभव- संवेद अनु

अनैतिकता अमीरों या शहरों के लोगों में ही होती है ये एक गलत धारणा है। मैंने अपने पिछले 15-16 साल के जीवन में छोटे-छोटे रोजगारों के लिए 10-12 लोगों को अपनी सीमित आय से सहायता राशि (ब्याज रहित ऋण) मुहैय्या करवाई। हालांकि ऐसा करते हुए मैंने ये तय किया था कि ये छोटी रकम (500 … Read more

प्रेरक कहानी : *गुस्से को शान्त करने का एक सुंदर उदाहरण* 

एक वकील ने सुनाया हुआ एक हृदयस्पर्शी किस्सा – “मै अपने चेंबर में बैठा हुआ था, एक आदमी दनदनाता हुआ अन्दर घुसा। उसके हाथ में कागज़ो का बंडल, धूप में काला हुआ चेहरा, बढ़ी हुई दाढ़ी, सफेद कपड़े जिनमें पांयचों के पास मिट्टी लगी थी।” उसने कहा – “उसके पूरे फ्लैट पर स्टे लगाना है, … Read more

लोकतंत्र या परलोकतंत्र • सुनील शर्मा, शिलचर

लोकतंत्र या परलोकतंत्र • सुनील शर्मा, शिलचर लो जी बंगाल के चुनाव निपट गये, एक पार्टी निपट गई और दूसरी निपटा रही है। बलात्कार, हत्या और आगजनी को एनज्वाय किया जा रहा है, केन्द्र मौन है? ऐसा ही हुआ होगा जब नादिर शाह ने दिल्ली पर आक्रमण किया था, उस समय का राजा बूढ़ा और … Read more

योग प्राणायाम क्यों करे ? नरेश बरेठा

हम हर घड़ी नाक के द्वारा श्वास लेते हैै, जिससे हम शुद्ध हवा ओक्सीजन (oxygen) ग्रहण करते हैं, और शरीर का कार्बन डाइऑक्साइड (carbon dioxide) नाक के द्वारा ही शरीर से बहार निकाल देते हैं। ऑक्सीजेन (oxygen) हमारे अंदर के गन्दगी को सफाई करति है। आइये इसे और बिस्तार से जाने —       … Read more

कोराना महामारी से लङने के लिए स्वयंसिद्ध बनना होगा

कोराना महामारी 2019 में विश्व में शुरू हुई लेकिन तांडव 2020 में शुरू किया.विश्व के संपन्न देश हो चाहे फटेहाल पाकिस्तान जैसे देश सब निरुपाय थे. किसी के पास ना तो साधन ना ही अनुभव ना ही अंदाज था लेकिन भारत ने बहुत ही कम समय में सभी साधन जुटाने, वैक्सीन तैयार करने अधिकाधिक संख्या … Read more

।। हमारी विरासत, हमारा इतिहास।।

।। हमारी विरासत, हमारा इतिहास।। चाय बागान में रहने वाले हिन्दीभाषियों तथा अन्य चाय जनगोष्ठी के लोगों को आज भी भूमि मालिकाना, जमीन की पट्टा क्यू नहीं मिल रहा है। आज भी जमीन का पट्टा मिलने के पक्ष में कोई कानून बनने का संभावना नहीं दिखता। जब की चाय बागान में रह-रहे हिन्दी तथा अन्या … Read more