मतांतरित जनजाति वर्ग को अनुसूचित जनजातियों की सूची से बाहर किया जाए- विहिप
भारत में हिंदू समाज हमेशा से अपनी सुविधा, आवश्यकता व परंपरा के अनुसार नगरों, ग्रामों या वनों में रहता रहा है। भारत की आध्यात्मिक परंपरा के अनुसार सबकी आराधना पद्धति में विविधता रही है परंतु इनमें अंतर्निहित एकता हमेशा से रही है। ज्ञान पर किसी का एकाधिकार नहीं रहा। इसलिए वनों में रहने वालों द्वारा … Read more